नई दिल्ली। राफेल सौदे को लेकर बार-बार संसद की कार्यवाही में व्यवधान डाल रही कांग्रेस अब इस मुद्दे पर बहस के लिए के लिए तैयार हो गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में इस सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति बनाने की मांग और नारेबाजी कर रहे कांग्रेसी नेताओं को मुद्दे पर बहस की चुनौती दी।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार तुरंत ही इस मुद्दे पर बहस करने और जवाब देने को तैयार है। इसके जवाब में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी बहस के लिए तैयार है।

लोकसभा में भोजनावकाश के बाद जैसे ही सदन में पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू हुई तभी कांग्रेस नेता खड़गे ने खड़े होकर राफेल सौदे की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग दोहरा दी। इस पर जेटली ने कहा कि खड़गे को इस मुद्दे पर तत्काल ही चर्चा शुरू कर देनी चाहिए। सरकार जवाब देने को तैयार है। वित्त मंत्री ने कहा कि खड़गे चर्चा से भाग रहे हैं। चर्चा होने पर वह साबित कर देंगे कि कांग्रेस पार्टी झूठ फैला रही है।

इसके बाद सदन ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 85,948.86 करोड़ रुपए की पूरक अनुदान मांगों को मंजूरी दे दी। जैसे ही सदन ने पूरक अनुदान मांगों पर मुहर लगाई, तभी खड़गे ने कहा कि जेटलीजी ने उन्हें चुनौती दी है और दो जनवरी को वह इस पर बहस को तैयार हैं। कृपया समय तय किया जाए।

इसके बाद जब सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित होने वाली थी तभी खड़गे ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को चर्चा की याद दिलाते हुए समय मांगा। इस पर महाजन ने कहा कि वह समय के बारे में निर्णय करेंगी लेकिन खड़गे तत्काल ही उनसे तारीख और समय का निर्णय नहीं करा सकते। लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता से कहा कि वह उनकी चुनौती उनके पास ही रखें और उन्हें चुनौती न दें।

इससे पूर्व शून्यकाल में भी कांग्रेस ने राफेल सौदे की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कांग्रेस सदस्य तख्तियां हाथ में लिए अध्यक्ष के आसान के निकट खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसके जवाब में भाजपा के सदस्य भी गांधी परिवार के खिलाफ नारे लगाने लगे।

शून्यकाल शुरू होते ही खड़गे ने राफेल मामला उठाया और इसमें घोटाले का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि सरकार आखिरकार विमानों की कीमत का खुलासा करने से क्यों बच रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि राफेल में सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। वे तीन हफ्ते से इसे उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

उनके इस आरोप के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि सरासर झूठ बार-बार बोलने पर वह सच नहीं बन सकता। सरकार इस मामले पर बहस के लिए तैयार है तो कांग्रेस पार्टी बहस से क्यों भाग रही है। इस सवाल का जवाब कांग्रेस के नेताओं को देना चाहिए।