नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में बयानों का दौर जारी है और अपने बयानों को लेकर कईं नेता चुनाव आयोग के गुस्से का शिकार बन चुके हैं। इस बीच अब 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा का बयान आया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल मच गई है वहीं कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस बयान को शहीदों का अपमान बताया है।

वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर संज्ञान लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है। बता दें कि भोपाल से लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के तेवर हमलावर हो गए हैं। इस चुनाव को धर्मयुद्ध बताने के बाद अब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुंबई हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र के एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया है।

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि, "मैंने हेमंत करकरे( मुंबई एटीएस चीफ) को कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने बाद सूतक लगता है। जिस दिन में जेल गई थी, उस दिन उसे सूतक लग गया था और ठीक सवा महीने बाद जिस दिन आतंकवादियों ने इसको मारा। उसी दिन उसका अंत हो गया। इतना ही नहीं उन्होंने आतंकियों से लड़ते हुए अपनी जान गंवाने वाले हेमंत करकरे को शहीद कहने से भी इंकार कर दिया।"

साध्वी प्रज्ञा के इस बयान के बाद कांग्रेस नेता और भोपाल से उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने शहीदों पर बयानबाजी से इनकार किया है। मैं इसमें कुछ नहीं कहूंगा लेकिन हेमंत करकरे जी एक इमानदार और कमिटेड अफसर थे।

आईपीएस एसोसिएशन ने साध्वी प्रज्ञा के बयान की आलोचना की है और कहा है कि दिवंगत एसटीएफ प्रमुख हेमंत करकरे ने देश के बलिदान दिया है। इसलिए उनके बलिदान का सम्मान किया जाना चाहिए।