नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर के उस बयान पर विवाद छिड़ गया है जिसमें उन्होंने बुधवार को कहा था कि भाजपा अगर फिर सत्ता में आई तो वह संविधान को फिर से लिखेगी और "हिंदू पाकिस्तान" के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी। इस बयान को भाजपा ने भारतीय लोकतंत्र और हिंदुओं पर हमला बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस ने इस बयान से पल्ला झाड़ लिया है और सभी पार्टी नेताओं को ताकीद की है कि भाजपा की नफरत फैलाने वाली नीतियों का विरोध करते समय संयम बरतें।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने शशि थरूर के बयान को पूरी तरह उनका भ्रम करार दिया है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "थरूर ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र को मवेशी वर्ग (कैटल क्लास) में रख दिया है। कांग्रेस का तो यह चरित्र ही है कि नरेंद्र मोदी और भाजपा के विद्वेष में वह लक्ष्मण रेखा पार कर जाती है। और ऐसा करते समय वह भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाती है।

अपने ही देश, लोकतंत्र और हिंदू धर्म को बार-बार कलंकित करना बेहद शर्मनाक है। इस कृत्य के लिए राहुल गांधी को आगे आकर न सिर्फ माफी मांगनी चाहिए बल्कि हमें यह भी बताना चाहिए कि जब भी उनकी पार्टी का कोई नेता मुंह खोलता है तो इसी तरह क्यों बोलता है।" भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान के साथ तुलना भारतीय लोकतंत्र का अपमान है। कांग्रेस को अब "डर का व्यापार" करना बंद कर देना चाहिए।

मालूम हो कि कुछ साल पहले भी थरूर ने इसी तरह के एक विवाद को जन्म दिया था जब वह केंद्र में मंत्री थे और ट्विटर पर उन्होंने कहा था कि वह सभी पवित्र गायों के प्रति सद्भाव दिखाते हुए "कैटल क्लास" में यात्रा करेंगे। दरअसल, तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कई हिस्सों में सूखे के मद्देनजर कांग्रेस नेताओं से मितव्ययता बरतने की अपील की थी।

कांग्रेस की नसीहत, शब्दों के चयन में बरतें सावधानी

वहीं, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कई ट्वीट कर कहा, "भारतीय मूल्य और बुनियादी सिद्धांत हमारे नागरिकों की भूमिका और व्यवस्था की स्पष्ट गारंटी देते हैं और यह पाकिस्तान की विभाजनकारी नीतियों से बिल्कुल अलग है। सभी कांग्रेसी नेताओं को भाजपा की विद्वेषकारी नीतियों की आलोचना करते समय शब्दों और वाक्यों के चयन में इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए।" वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि देश में भले ही कोई भी सरकार हो, भारतीय लोकतंत्र देश को पाकिस्तान में तब्दील होने की कभी इजाजत नहीं देगा।

बयान पर कायम थरूर

तिरुअनंतपुरम में बुधवार को एक कार्यक्रम में दिए उक्त बयान का शशि थरूर ने गुरुवार को एक फेसबुक पोस्ट के जरिये बचाव किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "उनके जैसे कई गौरवान्वित हिंदू अपने धर्म की समावेशी प्रकृति को सराहते हैं। उनकी पाकिस्तान की तरह रहने की कोई इच्छा नहीं है जहां असहिष्णु वातावरण में रहने को मजबूर किया जाता है। हम भारत को ऐसा ही रखना चाहते हैं और अपने प्यारे देश को पाकिस्तान के हिंदू संस्करण में तब्दील नहीं करना चाहते।

मैंने यह पहले भी कहा था और फिर यही कहूंगा। पाकिस्तान का सृजन धार्मिक आधार पर हुआ था, जहां अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया जाता है और उन्हें समान अधिकारों से वंचित रखा जाता है। भारत कभी इस विचार को स्वीकार नहीं करेगा जिससे देश का विभाजन हुआ था। लेकिन भाजपा-आरएसएस का हिंदू राष्ट्र का विचार पाकिस्तान सरीखा है जहां बहुसंख्यक धर्म के लोगों का प्रभुत्व होगा और अल्पसंख्यक दूसरे स्थान पर होंगे। यह एक हिंदू पाकिस्तान होगा। इसके लिए हमारा स्वाधीनता संग्राम नहीं लड़ा गया था और न ही हमारे संविधान में इसका समावेश किया गया है।"