देहरादून। गढ़वाल के प्रवेशद्वार पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार से भी सैलानी अब विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। लंबी जिद्दोजहद के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने कॉर्बेट के लिए कोटद्वार के पाखरो गेट को मंजूरी दे दिया है। कॉर्बेट के बफर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाखरो इको टूरिज्म जोन का क्षेत्रफल 1,771 हेक्टेयर रखा गया है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के अनुसार इस नए टूरिज्म जोन के अस्तित्व में आने से जहां कॉर्बेट पार्क के कोर क्षेत्र पर पर्यटकों का दबाव कम होगा। वहीं, कोटद्वार के रास्ते कार्बेट में आवाजाही की दशकों पुरानी मांग पूरी हो गई है। यही नहीं, इससे कोटद्वार क्षेत्र की तरक्की के रास्ते भी खुलेंगे। कॉर्बेट नेशनल पार्क का 70 फीसद हिस्सा पौड़ी गढ़वाल जिले के अंतर्गत है, जबकि शेष नैनीताल के रामनगर क्षेत्र में।

कॉर्बेट में प्रवेश को सैलानियों का दबाव अभी रामनगर पर ही है। कॉर्बेट का लाभ कोटद्वार को भी मिले, इसके लिए अर्से से कोटद्वार गेट खोलने की मांग उठती रही है। क्षेत्रीय विधायक और वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने इसके लिए प्रयास शुरू किए। कुछ समय पहले सरकार ने कॉर्बेट के लिए कोटद्वार गेट का शुभारंभ किया। इसमें एनटीसीए के मानक आड़े आ रहे थे।

इस बीच एनटीसीए के निर्देश पर तकनीकि कमेटी गठित की गई। इस कमिटी ने कोटद्वार गेट खोलने के मद्देनजर पाखरो इको टूरिज्म जोन का अध्ययन किया। इसके बाद एनटीसीए ने इस इको टूरिज्म जोन को मंजूरी दे दी है। एनटीसीए के डीआईजी (वन) निशांत वर्मा ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. रावत के अनुसार इस पहल से कोटद्वार क्षेत्र की तरक्की का रास्ता भी खुलेगा। जंगल सफारी शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के दरवाजे भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि कोटद्वार व गढ़वाल की जनता के लिए यह नए साल की बड़ी सौगात है।

पाखरो इको टूरिज्म जोन

कॉर्बेट के बफर क्षेत्र में पाखरो इको टूरिज्म जोन का कुल क्षेत्रफल 1771.50 हेक्टेयर होगा। इसमें गुज्जर स्त्रोत, धौलखंड, कालूशहीद पूर्वी व पश्चिमी का क्षेत्र शामिल है।

दिल्ली से सबसे कम दूरी

देश-दुनिया से वन्यजीव पर्यटन को कार्बेट नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों के लिए कोटद्वार का पाखरो गेट अधिक मुफीद होगा। कार्बेट का यह गेट दिल्ली से सबसे कम दूरी पर है। माना जा रहा कि अब बड़ी संख्या में सैलानी कोटद्वार के रास्ते भी कार्बेट का रुख करेंगे।