नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'तितली' ने गुरुवार सुबह ओडिशा के गोपालपुर व आंध्र के पलासा के पास स्थित तट को पार कर लिया।

140 से 150 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं ने दोनों राज्यों के तटीय जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सैकडों पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ गए। भारी वर्षा से कई इलाके जलमग्न हो गए।

आंध्र में तितली की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो गई। ओडिशा में जनहानि की खबर नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान अब पश्चिम बंगाल व ओडिशा के तटीय इलाकों में फैलकर कमजोर पड़ेगा।

तट से छूने के एक घंटे बाद गोपालपुर में हवा की रफ्तार 126 किमी प्रति घंटा व आंध्र के कलिंगपट्टनम में 56 किमी प्रति घंटा मापी गई। पश्चिम बंगाल तूफान से बेअसर रहा।

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है।

ओडिशा के आठ जिलों पर असर

ओडिशा के राहत आयुक्त बीपी सेठी ने बताया कि आठ जिलों गंजाम, गजपति, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक व बालासोर इस चक्रवाती तूफान से प्रभावित हुए हैं। इसके असर से गंजाम, गजपति व पुरी जिलों में भारी बारिश हो रही है।

इस कारण बिजली व संचार सेवाओं पर आंशिक असर पड़ा है। गजपति जिले में बिजली व फोन सेवा ठप हो गई है। राज्य के पांच तटीय जिलों से तीन लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था।

आंध्र के श्रीकाकुलम व विजयनगरम में तबाही तितली ने आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय श्रीकाकुलम व विजयनगरम जिलों में ज्यादा तबाही मचाई।

राज्य के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, तूफान के असर से बुधवार रात से दोनों जिलों में भारी बारिश हो रही है। तूफान से आठ मौतें हो चुकी हैं। सड़कों व बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

ट्रेन सेवा भी प्रभावित बुधवार सुबह से ही पूर्वी तटीय रेलवे ने ओडिशा व आंध्र के बीच कई ट्रेनों का संचालन रोक दिया था। चीफ पीआरओ जेपी मिश्रा ने बताया कि जल्द ही ट्रेन संचालन बहाल होने की उम्मीद है। कुछ स्थानों पर स्टेशनों व सिग्नल को नुकसान पहुंचा है।