नई दिल्ली। हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में नवीनीकृत डकोटा विमान को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल कर लिया गया। इस विमान को चार दशक से भी ज्यादा समय पहले वायु सेना से सेवानिवृत्त कर दिया गया था। इसे अब नया नाम "परशुराम" दिया गया है।

राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर ने इस डकोटा डीसी-3 वीपी-905 विमान को कबाड़ से खरीदकर ब्रिटेन में नवीनीकृत कराया है। कार्यक्रम में राजीव चंद्रशेखर के पिता एयर कोमोडोर (सेवानिवृत्त) एमके चंद्रशेखर के हाथों चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल बीएस धनोआ ने विमान की चाबियां ग्रहण कीं।

इस मौके पर धनोआ ने डकोटा को भारतीय वायु सेना के इतिहास का विशेष विमान बताते हुए कहा कि ब्रिटेन से भारत की यात्रा ने इस विमान की विश्वसनीयता और मजबूती को साबित कर दिया है। विमान ने 17 अप्रैल को ब्रिटेन से भारत के लिए अपनी यात्रा शुरू की थी।

इसके चालक दल में भारतीय वायु सेना के अलावा "रीफ्लाइट एयरवर्क्स" के सदस्य भी शामिल थे। 9,750 किमी की यात्रा में इस विमान ने फ्रांस, इटली, ग्रीस, जॉर्डन, बहरीन व ओमान में ठहराव लिया और 25 अप्रैल को जामनगर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पहुंचा। रक्षा मंत्री की विशेष अनुमति से एयर कोमोडोर (सेवानिवृत्त) एमके चंद्रशेखर ने भी 26 अप्रैल को जामनगर से हिंडन एयर फोर्स स्टेशन तक इस विमान में यात्रा की।