नई दिल्ली। इस बार लोगों को मानसून का काफी इंतजार करना पड़ सकता है। हांलाकि मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि इस बार केरल के तट पर मानसून करीब 5 दिन की देरी से आएगा। बारिश के लिहाज से जानकारी सामने आई है कि करीब 93 प्रतिशत बारिश होगी।

आगाज़ के दौरान मानसून बेहद कमजोर हो सकता है। मिली जानकारी के अनुसार मानसून 19 मई के दरमियान अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह व दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में समय मानसून के अनुकूल बन रहा है। संभावना जताई जा रही है कि 4 जून तक मानसून केरल के तट तक टकराएगा।

जिसके चलते यह धीरे -धीरे आगे बढ़ेगा। मानसून के देर से आने की बात आइएमडी और निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने कही है। इस मामले में स्काइमेट वेदर के उपाध्यक्ष और मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि चालू वर्ष में 93 फीसद वर्षा के साथ कम बारिश होगी।

जून से सितंबर की अवधि में दीर्घावधि औसत 887 मिलीमीटर वर्षा में पांच फीसद कम-ज्यादा का आंशिक फेरबदल हो सकता है। हांलाकि कई स्थानों पर बारिश का असमान वितरण होता है।

लगभग प्रतिवर्ष असम, बिहार, आदि क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। ऐसे में बाढ़ को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।