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    पत्नी हिंदू तो तीन तलाक मान्य या अमान्य, HC ने दिया यह फैसला

    Published: Fri, 21 Apr 2017 06:37 PM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 06:47 PM (IST)
    By: Editorial Team
    hindu muslim wife 21 04 2017

    नई दिल्ली। पत्नी के हिंदू होने की स्थिति में तीन तलाक के नियम को अमान्य माने जाने को लेकर लगाई गई याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और अनु मल्होत्रा की पीठ ने कहा कि हमें मामले की गहराई में उतरने की जरूरत नहीं है।

    कोर्ट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट पहले ही मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में परिर्वतन को लेकर सुनवाई कर रहा है। लिहाजा याचिका को खारिज किया जाता है। इसमें कोई विवाद नहीं है कि संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। उनके द्वारा बनाया गया कानून समाज की सभी महिलाओं और बच्चियों पर लागू होगा। कानून में सभी महिलाओं को समानता के साथ संरक्षण दिया गया है।

    याचिकाकर्ता विजय कुमार शुक्ला ने हाई कोर्ट के समक्ष कहा था कि तीन तलाक के नियम के कारण मुस्लिमों से शादी करने वाली हिंदू महिलाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। मांग की गई थी कि केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया जाए कि अंतरजातीय विवाह होने की स्थिति में विशेष विवाह कानून के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन कराया जाए।

    सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 11 मई से तीन तलाक और मुस्लिम युवाओं द्वारा एक से अधिक शादी किए जाने के मुद्दे पर सुनवाई करेगी।निकाहनामा नहीं पढ़ पाती हिंदू महिलाएंसुप्रीम कोर्ट पहले ही यह कहा चुका है कि तीन तलाक, निकाह हलाला और पुरुषों द्वारा एक से अधिक महिला से विवाह करना बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जो लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए हैं। याचिका में यह भी कहा गया था कि हिंदू महिलाएं उर्दू में लिखे निकाहनामे को पढ़ नहीं पातीं, जिसके कारण तलाक सहित अन्य नियमों को समझने से वह महरूम रह जाती हैं।

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