नई दिल्ली। पिछले दो-तीन दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई थी। दरअसल, विक्षोभ के कारण इन इलाकों में धूल भरी आंधी, तेज हवाओं के साथ ही बारिश और गरज के साथ बूंदा-बांदी हुई थी।

इन मौसमी गतिविधियों की वजह से उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, कई इलाकों में तापमान में 14 से 15 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई थी।

हालांकि, इन मौसम गतिविधियों के लिए जिम्मेदार मौसम प्रणालियां (पश्चिमी विक्षोभ) जो जम्मू और कश्मीर पर बनी थीं, वह पूर्व की ओर खिसक गई है। मगर, अभी भी एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की पहाड़ियों पर कायम है।

लिहाजा, आज से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ने की उम्मीद है। तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी। इसलिए दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थिति जल्द नहीं बनेगी।

आने वाले 2 से 3 दिनों में उत्तर पश्चिम भारत में शुष्क मौसम बना रहेगा और 20 या 21 अप्रैल के आस-पास गर्मी की वापसी होगी। 19 अप्रैल तक उत्तर पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाएगा।