नई दिल्ली। दिल्ली की हवा के जहरीली होते ही पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण- संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) सक्रिय हो गए हैं। दोनों ने इसे गंभीर स्थिति करार दिया है।

साथ ही बुधवार शाम टास्क फोर्स की आपात बैठक बुलाकर ग्रेडेड एक्शन प्लान का चौथा चरण लागू करने की तैयारी भी कर ली है। गुरुवार सुबह फिर से स्थिति की समीक्षा की जाएगी और निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।

स्कूल तो बंद चल ही रहे हैं, भवन निर्माण गतिविधियां और ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। दिल्ली सहित एनसीआर की सभी राज्य सरकारों को भी इसके लिए तैयारी करने को कह दिया गया है।

सोमवार तक दिल्ली-एनसीआर की हवा नियंत्रण में थी लेकिन मंगलवार से वातावरण में जो धूल की चादर बिछनी शुरू हुई, वह लगातार गहरा रही है।

बुधवार देर शाम तो यह धूल हद से ज्यादा बढ़ गई। इस वजह से दिल्ली एनसीआर में अधिकतर जगह वायु प्रदूषण का इंडेक्स खतरनाक स्थिति में पहुंच गया।

आलम यह रहा कि अस्थमा, दमा और सांस के रोगियों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया। वायु प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए ही बुधवार शाम को टास्क फोर्स की आवश्यक बैठक बुलाई गई।

बैठक के बाद सीपीसीबी के सदस्य सचिव ए सुधाकर ने बताया कि जमीनी स्तर पर हवा की गति भी ज्यादा नहीं है, इसीलिए यह प्रदूषण उड़ नहीं पा रहा है।

ऐसे में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का इमरजेंसी प्लान लागू करने के साथ ही एडवायजरी लागू करना अनिवार्य हो गया है।