नई दिल्ली। लोकसभा में फाइनेंस बिल बुधवार को पास हो गया। लगातार जारी हंगामे के कारण लोकसभा में यह बिल लंबे समय से अटका था। बीते कई दिनों से सदस्यों के शोर शराबे के कारण सदन में वित्त एवं विनियोग विधेयक 2018 चर्चा के लिए पेश नहीं हो सका था।

इसके बाद सांसदों ने इस पर लिखकर दिया था कि बिल बगैर चर्चा के पास कर देना चाहिए। मंगलवार को लगातार सातवें दिन भी सांसदों के हंगामे के चलते सदन में कामकाज नहीं हो पाया था। बीते छह दिन से विभिन्न मुद्दों पर चल रहे हंगामे के बाद मंगलवार को पूरे दिन के लिए सदन को स्थगित कर दिया गया था।

गौरतलब है कि टीडीपी, कांग्रेस, एआईएडीएमके, टीआरएस और तृणमूल कांग्रेस के कई सदस्यों ने प्रश्नकाल और जीरो ऑवर में हंगामा किया जिसके चलते लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पहले एक घंटे में ही कार्यवाही स्थगित कर दिया।

इन सबके बीच फाइनेंस बिल पर लोकसभा के कई सांसदों ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को चिट्ठी लिखी थी। सांसदों ने कहा है कि यह पत्र लिस्ट ऑफ बिजनेस नंबर 26 के संदर्भ में है। 5 मार्च 2018 को की गई BAC मीटिंग में 6 मंत्रालयों/ विभागों के लिए चर्चा के विषय के लिए समय तय किया गया था।

इसमें रेलवे, कृषि और किसान कल्याण, सामाजिक न्यायिक और सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, युवा मामले और रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे पर चर्चा होनी थी। मगर, फाइनेंस बिल के लिए समय और तारीख निश्चित नहीं हुई थी।