अगरतला। दक्षिणी पश्चिम मानसून पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्से तक पहुंच गया है। भारी बारिश से त्रिपुरा और मिजोरम के कई इलाके डूब गए हैं। त्रिपुरा में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है।

कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। घर और धान के खेत डूब गए हैं। अधिकांश नदियों का बहाव खतरे के निशान को पार कर गया है। भूस्खलन से त्रिपुरा और मिजोरम में यातायात पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तरी हिस्से का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने निचले इलाके के लोगों से सुरक्षित स्थानों या राहत कैंपों में चले जाने का आग्रह किया है।

त्रिपुरा के आपदा प्रबंधन ने बताया कि भूस्खलन, पेड़ गिरने या बाढ़ से उफनती नदी में मछली पकड़ने के दौरान चार लोग मारे गए हैं।

बुधवार दोपहर तक 6500 परिवारों के 1500 लोग 200 राहत शिविरों में शरण लेने के लिए पहुंच चुके थे।

पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर तैयार रखा गया है और वायुसेना से फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए दो और हेलीकॉप्टर मुहैया कराने का आग्रह किया गया है।

मणिपुर में भी रविवार रात से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश से बाढ़ की आशंका को लेकर लोग भयभीत हैं। सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ संभावित इलाकों से परिवारों को हटा लिया गया है। कई आवासीय इलाके, घर, धान के खेत पानी में डूब गए हैं।