वाराणसी। वाराणसी में मंगलवार शाम निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना के पीड़ितो के लिए सहायता राशि जारी की है।

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री सहायता कोष से हादसे में मृतको को 2 लाख रुपए और घायलों को 50000 रुपए की सहायता की घोषणा की है। ज्ञात हो कि यह पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है।

घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सेतु निर्माण निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक एचसी तिवारी, परियोजना प्रबंधक केआर सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह व अवर अभियंता लाल चंद को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। 15 दिनों में रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिया गया है।

घटना के बाद जांच कमेटी ने घटनास्थल का बुधवार सुबह दौरा किया। इस दौरान अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे। जांच दल के सदस्य राज प्रताप सिंह ने कहा कि फिलहाल मैं कुछ नहीं कह सकता। जांच पूरी हो जाने दें, सभी से बात होगी, रिकॉर्ड्स चैक किए जाएंगे इसलिए अभी कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा।

इससे पहले देर रात मुख्यमंत्री खुद घटनास्थल का दौरा करने के लिए वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने घटना की जानकारी ली व अधिकारियों से बात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जांच समिति भी गठित कर दी है और मृतकों को पांच-पांच और घायलों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना।

ऐसे हुआ हादसा

कैंट स्टेशन के करीब बीम के नीचे एक रोडवेज बस, एक बोलेरो, दो कार, एक ऑटो रिक्शा और चार बाइक दब गईं थीं। मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। नौ क्रेन की मदद से दोनों बीम को करीब चार घंटे में उठाया जा सका। हादसे का कारण पहली नजर में उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम द्वारा लापरवाही से किया जा रहा कार्य बताया जा रहा है। ट्रैफिक डायवर्जन किए बिना ही निर्माण कार्य किया जा रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम होने की वजह से मौके पर जाम की स्थिति थी। लिहाजा बीमों के गिरने के दौरान बचाव और भागने की गुंजाइश भी नहीं थी, जो जहां था वहीं बीम की चपेट में आ गया। भीड़ की स्थिति देखते हुए अंदेशा लगाया जा रहा है कि हादसे में मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती है।

प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा मौके पर मौजूद लोगों की मदद से घायलों को बीएचयू ट्रामा सेंटर, नजदीकी रेलवे अस्पताल, मंडलीय अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल भेजा गया है। दर्जनों एंबुलेंस, जेसीबी व हाइड्रोलिक क्रेन मौके पर हैं। राहत और बचाव कार्य में विलंब के चलते लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला।