मुंबई। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने मंगलवार को ट्विटर पर घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत की। उन्होंने कहा, 'जब पूरा देश चुनाव पर बातें कर रहा है, ऐसे में यह राहत देने वाला इंटरव्यू है। जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, प्रिय अक्षय कुमार, आपसे बात करके अच्छा लगा।

अक्षय कुमार ने कहा कि मेरे ड्राइवर की बेटी ने सवाल पूछा है कि पीएम आम खाते हैं क्या और खाते हैं, तो क्या उसे काटकर खाते हैं।

मोदी- आम मैं खाता हूं और मुझे यह बहुत पसंद है और गुजरात में आमरस की परंपरा भी है। जब मैं छोटा था कभी खेतों में चले जाता था। हमारे देश का किसान बड़ा उदार है। यदि कोई खेत में जाकर आम खाता है, तो किसान उसे नहीं रोकता है। चोरी करने पर जरूर रोकता है। मैं खेतों में जाकर आम खाता था। लेकिन अभी कंट्रोल करना पड़ता है। मैं आम खाता हूं और मुझे आम पसंद भी है। वैसे जब मैं छोटा था तो हमारे परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी की खरीद कर खा सकें। लेकिन हम खेतों में चले जाते थे और वहां पेड़ के पके आम खाते थे:

अक्षय- क्या आपने कभी सोचा था कि पीएम बनेंगे, कभी सोचा था कि देश को चलाना चाहिए। यदि सोचा था तो किस उम्र में सोचा था।

पीएम- मोदी ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि मैं पीएम बनूंगा। जैसी पारिवारिक पृष्ठभूमि रही है, उसमें कोई छोटी-मोटी सरकारी नौकरी मिल जाती, तो मेरी मां पड़ोस के लोगों को गुड़ खिला देती। कभी मेरे मन में प्रधानमंत्री बनने का विचार नहीं आया और सामान्य लोगों के मन में ये विचार आता भी नहीं है। मगर, यात्रा कुछ ऐसी रही कि मैं आगे बढ़ता गया और देश का प्यार मिलता चला गया। यह स्वाभाविक यात्रा थी।

अक्षय- क्या आप सेना में जाना चाहते थे। सुना है कि आप सन्यासी बनना चाहते थे।

मोदी- हां मैं सन्यासी बनना चाहता था। काफी भटका हूं। बचपन में मेरा स्वाभाव था किताबें पढ़ना, बड़े बड़े लोगों का जीवन पढ़ता था। कभी फौज वाले निकलते थे तो बच्चों की तरह खड़ा होकर उन्हें सेल्यूट करता था। बचपन में फौज में जाने का मन करता था। दरअसल, 1962 का युद्ध होने के बाद हमारे यहां से काफी फौजी गुजरते थे। उन्हें सलाम करता था। मैं सेना में जाना चाहता था। कोई गाइडेंस नहीं मिलता था। भटकता हुआ यहां पहुच गया। यह नहीं कह सकता हूं कि अगर पीएम नहीं होता तो क्या होता।

अक्षय- क्या आपको कभी गुस्सा आता है, और आता है तो उसे कैसे निकालते हैं। मेरा अनुभव है कि गुस्सा निकाल लेना अच्छी बात है। बॉक्सिंग बैग में मार लेता हूं या समंदर किनारे जाकर जोर से चीख लेता हूं। आपका क्या मानना है?

मोदी- गुस्सा इंसान के स्वभाव का हिस्सा है। मगर, लेकिन 18-22 की उम्र के दौरान जो ट्रेनिंग हुई उसमें यह बताया गया है कि ईश्वर ने स्वभाव में सबकुछ दिया, उसमें सिखाया गया कि जीवन में जो अच्छी चीजें होती हैं, उसे कैसे आगे बढ़ाना है। चपरासी से लेकर सीएम होने तक मुझे कभी गुस्सा जाहिर करने का अवसर नहीं आया। बाहर जो छवि है वह सख्त इंसान की है। तो मैं चीजों में खुद इनवॉल्व हो जाता है।

कभी मीटिंग में गुस्सा कर दिया, तो मीटिंग का एजेंडा तो पीछे छूट जाता है। लोगों के मन में दो से तीन दिन तक वही सोचता रहता है। किसी को नीचा दिखा कर काम नहीं कराता, बल्कि प्रेरित कर के काम करवाता हूं। मैं उनसे सीखता हूं और सिखाता भी हूं और टीम बनाता चला जाता हूं।

मेरा गुस्सा निकालने का दूसरा तरीका है- पहले अकेला कागज लेकर बैठता था और सारी घटना का वर्णन करता था, फिर फाड़कर फेंक देता था। मन शांत नहीं होता था, तो फिर लिखता था। दो-चार लिखने के बाद समझ आ जाता था कि मैं ही गलत था। अब तो इतना समय नहीं मिलता। मैं अपनी टीम बनाता जाता हूं तो मेरे स्ट्रेस और प्रेशर बंटते चले जाते हैं। गुस्सा आता है लेकिन व्यक्त करने से बचता हूं।

अक्षय- कभी परिवार के साथ रहने या मां के साथ रहने की इच्छा नहीं होती है।

मोदी- अगर मैं प्रधानमंत्री बनकर घर से निकला होता, तो मेरा मन रहता कि सब वहीं रहे। मगर, मैंने बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ दिया था और इसलिए लगाव, मोहमाया सब मेरी ट्रेनिंग के कारण छूट गया। हालांकि, अभी मैंने मां को यहां बुलाया था और मैं उनके साथ रहा।

अक्षय- विपक्ष में आपके कोई दोस्त हैं? क्या कभी चाय पीना, खाना वगैरह साथ होता है?

मोदी- शायद एक परिवार के रूप में सभी दल के लोग जुड़े हुए हैं। गुलाम नबी आजाद मेरे अच्छे दोस्त हैं। हालांकि, मैं ये बोलूंगा तो चुनाव में नुकसान हो सकता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मेरे लिए साल में एक-दो कुर्ते भी देती हैं और बंगाली मिठाई भी भिजवा देती हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री भी उपहार भिजवाती हैं। और भी कई दोस्त हैं।

अक्षय- क्‍या बैंक में खाता था आपका?

मोदी- पीएम मोदी ने कहा कि विधायक बनने से पहले मेरे पास कोई खाता नहीं था। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना, तो मेरा बैंक अकाउंट नहीं था। जब विधायक बना, तो सेलरी आनी लगी। स्कूल में देना बैंक के लोग आए थे। उन्होंने बच्चों को गुल्लक दिया और कहा कि इसमें पैसे जमा करें और बैंक में जमा कर दें। लेकिन हमारे पास होता तब तो डालते। तब से अकाउंट यूं ही पड़ा रहा।

अक्षय- गुजराती लोग पैसों के पक्के होते हैं। (एक चुटकुला है कि एक गुजराती अंतिम सांसे ले रहा था, तो पूछा कि बेटा कहां है? बेटा बोला- यहां हूं। उसने पूछा बेटी कहां है? बेटी बोली- यहां हूं। फिर पत्नी से भी पूछा तो वही जवाब आया। फिर उसने पूछा कि सब यहां हैं तो दुकान पर कौन है?) मगर, आपने अपनी पूरी सैलरी अपने स्टाफ की बच्चियों में बांट दी थी। गुजरात के सीएम से जब पीएम बने, आपके बैंक अकाउंट में 21 लाख रुपये थे और वे 21 लाख आपने स्टाफ की बच्चियों के नाम पर एफडी कर दिए और बांट दिए।

मोदी- सरकार की तरफ से एक प्लॉट मिलता है, कुछ कम दाम में मिलता है। फिर मैंने वो पार्टी को दे दिया। हालांकि कुछ नियम है जिस पर सुप्रीम कोर्ट में मामला है। जैसे ही वह क्लीयर होगा, प्लॉट मैं पार्टी के नाम कर दूंगा। इसके साथ ही मोदी ने एक चुटकुला भी सुनाया। उन्होंने कहा- हमारे यहां एक चुटकुला चलता है, एक बार स्टेशन पर एक ट्रेन आई, तो ऊपर लेटे हुए एक यात्री ने पूछा की कौनसा स्टेशन आया है? तो बताने वाले ने कहा की 4 आना दोगे तो बताऊंगा। वो यात्री बोला भाई बताने की जरुरत नहीं है, मैं समझ गया अहमदाबाद आ गया है।

स्टाफ के बच्चों में सैलरी बांटने के बारे में कहा कि यह आधा सच है। इसके बाद पीएम ने कहा- जब मैं सीएम बना, तो वेतन आना शुरू हुआ, वह मेरा स्टाफ देखता था। जब वहां से निकला तो अफसरों को बुलाया और बताया कि मेरा तो कोई उपयोग नहीं है। सीनियर अफसर ने बताया कि आपके ऊपर इतने कोर्ट केस चल रहे हैं, वकील को कभी फीस देनी होगी। कब तक पद पर रहेंगे, बाद में कोई नहीं देगा आपको। आपकी इच्छा है तो कुछ हिस्सा दीजिए, तब मैंने उसमें से 21 लाख रुपए दिए और कहा कि सचिवालय में जो ड्राइवर है, चपरासी है उनकी खासकर, बच्चियों को शिक्षा-दीक्षा के लिए खर्च करना है।

अक्षय- अगर आपको अलादीन का चिराग मिल जाए, तो क्या करेंगे।

मोदी- अगर मुझे अलादीन का चिराग मिल जाये तो मैं उसे कहूंगा की ये जितने भी समाजशास्त्री और शिक्षाविद हैं उनके दिमाग में भर दो कि वो आने वाली पीढ़ियों को ये अलादीन के चिराग वाली थ्योरी पढ़ाना बंद कर दें। उन्हें मेहनत करने की शिक्षा दें। प्रधानमंत्री बनते समय शायद और प्रधानमंत्रियों को ये बेनिफिट नहीं मिला है, जो मुझे मिला है। वो ये है कि मैं गुजरात का इतने समय तक मुख्यमंत्री रहा और उस पद पर रहते हुए आपको बारीकियों से काम करना पड़ता है, मुद्दे आपके सामने सीधे आते हैं और उनका समाधान भी आपको सीधा ही करना पड़ता है।

मैं समझता हूं कि इससे मुझे प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने में बहुत सहायता मिली। जीवन का पल-पल और शरीर का कण-कण किसी ने किसी मिशन में ही लगा रहने वाला है मेरा। मेरे पास इसके सिवाय कोई कौशल ही नहीं है।

अक्षय- रिटायरमेंट के बाद क्या करेंगे। क्या सोचा है कि जब राजनीति से सन्यास ले लेंगे, तो क्या करेंगे?

मोदी- पीएम मोदी ने कहा, मेरा रिटायरमेंट का का कोई प्लान नहीं है और ना मैंने इस बारे में सोचा है। हम लोगों की एक इनर सर्कल की मीटिंग थी। अटल जी, आडवाणी जी, राजमाता सिंधिया जी, प्रमोद महाजन जी थे। उसमें सबसे छोटी आयु का मैं था। उसमें ऐसे ही बात छिड़ी कि रिटारटमेंट के बाद क्या करेंगे।

अक्षय- जब मैं पहले आपसे मिला था, तो आप काफी मजाक करते थे। आपका ह्यूमर काफी अच्छा था, लेकिन क्या अब भी वैसा ही ह्यूमर है।

मोदी- हमेशा मैं पूरे माहौल को आधे मिनट में हल्का कर देता था। आज भी मजा आता है। अब क्या हो गया है कि हर चीज के अलग अर्थ निकाले जाते हैं। आधा-अधूरा वाक्य निकालकर उछाल दिया जाता है। अब डर लगता है। इरादा वह नहीं होता है, लेकिन दुरुपयोग हो जाता है। टीआरपी वाले यह ज्यादा करते हैं। दोस्तों के साथ ह्यूमर चलता है। मेरे जो जूनियर अफसर हैं दोस्ताना रहता हूं। उनको चुटकुले सुनाता हूं।

पॉलिटिकल पार्टियों में अच्छे दोस्ते हैं। पहले की बात है तब मैं सीएम नहीं था। किसी काम से संसद गया था। गुलाम और मैं दोस्ताना अंदाज में गप्पे मार रहे थे। मीडिया ने पूछा कि आप लोग साथ कैसे, आप आरएसएस वाले हो.. गुलाम नबीं से दोस्ती कैसे। नबी ने अच्छा जवाब दिया। बाहर आप जैसा सोचते हैं, ऐसा नहीं है। फैमिली के रूप में सभी दल जैसे जुड़े हैं, बाहर कल्पना नहीं करोगे।

हमें उम्मीद है कि हमारी बात सुनकर लोग आनंदित होंगे। अक्षय कुमार ने एक 24 सेकंड का एक वीडियो जारी करके कहा कि यह बातचीत की कुछ झलकियां हैं।

कुछ ऐसा करने जा रहा हूं जो पहले कभी नहीं किया। उत्साह और घबराहट महसूस कर रहा हूं। वीडियो में मोदी और अक्षय एक-दूसरे को चुटकुले सुनाते हुए और हंसते हुए नजर आएंगे।

अक्षय ने पर बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे उनकी ओर से पीएम मोदी के लिए गए साक्षात्‍कार का प्रसारण एएनआइ समाचार एजेंसी पर होगा। इसमें दर्शकों को पीएम मोदी के बारे में वे सभी जानकारियां मिलेंगी जो बहुत कम लोग जानते हैं।