बरेली। तीन तलाक से जुड़ा दिल दहला देने वाला एक मामला यूपी के बरेली से सामने आया है। 13 साल की शादी के बाद पति ने दिल्ली से तलाक-तलाक-तलाक कह कर शादी को तोड़ दिया। मगर, महिला पति और घर छोड़कर नहीं जाना चाहती थी।

लिहाजा, गुस्साए पति ने घर आकर उसे एक कमरे में एक महीने के लिए बंद कर दिया। मारा, पीटा और खाना भी नहीं दिया। मगर, करीब एक महीने तक जिंदगी और तीन तलाक की जंग लड़ते हुए रजिया मंगलवार को हार गई।पीड़िता को उसके पति ने बहुत यातनाएं दीं। वो लंबे समय से संघर्ष कर रही थी।

मृतक रजिया की बहन के अनुसार, उसका 6 साल का बच्चा है। रजिया को उसके पति ने फोन पर तलाक दिया था। उसने कहा कि घर में एक महीने बंधक बनाए रखा। इसका पता चलने पर महिला के परिजनों ने उसे रिहा कराया

रजिया की बहन सारा ने कहा कि जैसे ही मुझे सूचना मिली, मैं उसे घर ले आई। हम घटना की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस के पास गए। हालांकि, पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। बेहद गंभीर हालत में रजिया को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में रजिया का लगभग एक महीने से इलाज चल रहा था।

वह हड्डियों का ढांचा बन गई थी और बोल तक नहीं पा रही थी। उसे इलाज के लिए लखनऊ में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, उसकी हालत गंभीर हो गई और वापस स्थानांतरित कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका छह साल का बेटा अनाथ हो गया।

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केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी की बहन और मेरा हक नाम के एनजीओ के संस्थापक फरहत नकवी ने बताया कि रजिया के पति नाहिम का पहले भी विवाह हुआ था और उसने इसी तरह अपनी पहली पत्नी को यातना दी थी। रजिया की शादी 13 साल पहले 2005 में हुई थी। उसके पति ने उसे दिल्ली से फोन पर ट्रिपल तलाक दे दिया। तलाक देने के बाद घर से नहीं जाने पर उसके पति ने उसे पीटा, कैद में रखा और खाने-पीने के लिए कुछ भी नहीं दिया।

बहन सारा का कहना है कि वो इंसाफ चाहती है। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। रजिया की ही तरह न जाने कितनी महिलाएं तीन तलाक की जंग लड़ते-लड़ते इस दुनिया से चल बसी, लेकिन कभी सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

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