नई दिल्ली। केरल में भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार बारिश के चलते कई नदियां उफान पर हैं और बांधों का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है।

इस बीच केरल के सीएम पी विजयन ने मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में दान करने की अपील की है। इसके लिए उन्होंने तमाम जरूरी जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है।

इडुक्की बांध में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और इस कारण डैम के सभी पांच दरवाजे खोल दिए गए हैं। इसके बाद कई इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए चेरुथोनी गांव को खाली करवाया गया है। उधर, इडुक्की के कलेक्टर जीवन कुमार ने जानकारी दी है कि, आज दोपहर 12 बजे हमने 120 क्यूसेक पानी छोड़ा है। बाद में इसे 600 क्यूसेक तक बढ़ाया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

इस बीच एनडीआरएफ की दस टीमें बाढ़ प्रभावित पलक्कड़, एर्नाकुलम, अलापुझा, इडुक्की और कोझिकोड में लगाई गई है। वहीं सेना ने भी राहत और बचाव अभियान चला ऱखा है। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह 12 अगस्त को केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर जाएंगे। इस बीच गृह मंत्री ने केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन से बात की है और केंद्र द्वारा हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। गृह मंत्रालय भी स्थिति नजर बनाए हुए है।भारी बारिश के कारण इडुक्की जिले के उत्तर और दक्षिण हिस्से को जोड़ने वाला पुल बह गया है। दूसरी तरफ भूस्खलन के चलते मुन्नार में एक रिजॉर्ट में 60 से ज्यादा लोग फंस गए हैं।

लगातार बारिश के कारण 26 की मौत

भारी बारिश और भूस्खलन से 24 घंटों के दौरान 26 लोगों की मौत हो गई। बढ़ते जलस्तर को देखते राज्य के 24 बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। जबकि कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पानी भरने के कारण यहां आने वाली उड़ानों को दो घंटे तक नहीं उतरने दिया गया।

वहीं लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इडुक्की डैम के बढ़ते जलस्तर के कारण इसके दो और गेट खोल दिए गए हैं जिसके कारण पेरियार नदी में सवा लाख क्यूसेक पानी आएगा। इसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।

तीन जिलों में सेना तैनात कर दी गई है, जबकि दो अन्य जिलों में भेजी जा रही है। वहीं राज्य में बारिश और बाढ़ की भयावहता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विजयन से बात करके हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। पिछले दो दिनों में 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, भारी बारिश और भूस्खलन से इडुक्की और मलप्पुरम जिले में 17 लोगों की मौत हुई है। इडुक्की में एक ही परिवार के पांच लोगों की जान गई है। राहत और बचाव कार्य में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चार टीमें चेन्नई से केरल भेजी गई हैं। बेंगलुरु से सेना की टुकड़ी भी भेजी गई है। केंद्र सरकार का एक अंतर मंत्रालयी दल भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहा है।

विमानों की लैंडिंग रोकी गई

कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीआइएएल) के प्रवक्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर गुरुवार दोपहर 1.10 बजे एयरपोर्ट पर आने वाली फ्लाइटों को उतरने से रोक दिया गया था। दोपहर 3.05 बजे फिर संचालन शुरू कर दिया गया। सीआइएएल पेरियार नदी के निकट स्थित है।

भारी बारिश से इदुक्की जलाशय के चेरुथनी बांध के गेट 26 साल में पहली बार खोलने पड़े। इसे एशिया का सबसे बड़ा आर्च बांध माना जाता है। गुरुवार सुबह इससे 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पर्यटकों को बांध के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है।

सीएम ने सेना से मदद मांगी

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि सेना, नेवी और तटरक्षक बल से मदद मांगी गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की छह अतिरिक्त कंपनियां भेजने को कहा गया है। राज्य ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद भी मांगी है। 11 अगस्त से होने वाली नेहरू ट्राफी नौका दौड़ को रद दिया गया है।