नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और इसके बढ़ाने के लिए टेरर फंडिंग जुटाने वालों पर अब खास नजर रखी जाएगी। गृह मंत्रालय ने इसके लिए सीआईडी, एडीआईजी, जेएंडके पुलिस के नेतृत्व में एक नए टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप (TMG) का गठन किया है। इस ग्रुप का गठन आतंक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के मकसद से इसका गठित किया गया है।

आतंक के खिलाफ बनाए गए इस ग्रुप के चेयरमैन एडीजीपी (CID) होंगे। साथ ही IB, एनआइए(NIA), सीबीआइ(CBI), सीबीसी(CBC), सीबीडीटी(CBDT) और ईडी(ED) के लोगों को भी इस ग्रुप में शामिल किया गया है। इसके अलावा एडीजीपी की मदद के लिए कुछ अन्य लोगों को भी शामिल किया जा सकता है, जिनसे वे मदद लेना चाहेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह कदम जम्मू कश्मीर के मामलों को देखने वाली डेस्क के निर्देश के बाद उठाया है। इससे पहले भी राज्य में आतंकवाद व आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए केंद्र की ओर से कई कदम उठाए हैं। TMG भी इसी का हिस्सा है।

क्या होगा TMG का काम

यह टीम आतंकियों के लिए फंड जुटाने वाले तमाम चैनलों का पता लगाएगी। इससे भविष्य में टेरर फंडिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।

आतंकवाद की सरपरस्ती वाले संगठनों खिलाफ कठोर कार्रवाई

TMG ग्रुप के पास आतंकवाद को शह देने वाले संगठनों और उनके नेताओं की निशानदेही और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का भी जिम्मा सौंपा गया है। यह समूह जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अलग अलग स्रोतों से आने वाले पैसे के चैनलों का पता लगाकर उन्हें बंद करने और इसमें लिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा।

यही नहीं आतंकवाद व अलगाववाद में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से मदद करने वाले अध्यापकों व सरकारी कर्मियों की निशानदेही कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगा। अधिसूचना के मुताबिक, TMG की हर हफ्ते बैठक होगी। बैठक में विभिन्न मामलों पर जारी कार्रवाई की समीक्षा के साथ राष्ट्रद्रोही तत्वों पर कार्रवाई की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी।