नई दिल्ली। अपनी सामरिक शक्ति बढ़ाने के लिहाज से भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। IAF ने अपने सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C17 ग्लोबमास्टर को अरुणाचल प्रदेश के टूटिंग एयरफील्ड पर लैंड किया। ये एय़रफील्ड चीन सीमा से सटी हुई है।

खुद भारतीय वायुसेना ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर ट्विट करके इसकी जानकारी दी। भारतीय वायुसेना ने लिखा कि, "भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C17 ग्लोबमास्टर ने अरूणाचल प्रदेश के टूटिंग एयरफील्ड पर लैंड किया है। घाटी और ऊंची पहाड़ियों से घिरे इस एयरफील्ड पर लैंड करना वाकई चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में इस मिशन को बिना किसी बाधा के पूरा करना भारतीय वायुसेना के पायलट की कुशलता को साबित करता है।"

भारतीय वायुसेना ने इस लैंडिंग को अपनी ऑपरेशनल कार्यक्षमता के लिहाज से काफी अहम माना है। ट्रायल लैंडिंग के बाद, C17 ने 18 टन वजन के साथ इस एयरफील्ड पर दोबारा लैंडिंग की। भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच ये रणनीतिक रूप से अहम है।

इससे पहले 2016 में अरूणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर C17 ग्लोबमास्टर ने लैंड किया था। मेचुका चीन सीमा से केवल 29 किलोमीटर की दूरी पर है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी मेचुका रणनीतिक रूप से काफी अहम था। डिब्रूगढ़ से यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से दो दिन लग जाते हैं। भारतीय वायुसेना ने डकोटा और ओटर विमानों के जरिए 1962 में यहां से उड़ान भरने की शुरुआत की थी। इस हवाई पट्टी पर एंटोनोव-32 विमान अक्टूबर 2013 तक उड़ान भरते रहे हैं।

सीमा विवाद को लेकर 73 दिनों तक डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने रहीं। ये विवाद 28 अगस्त 2017 को खत्म हुआ।