लखनऊ। मुख्यमंत्री के रूप में अपना एक साल का कार्यकाल पूरा कर रहे योगी आदित्यनाथ को यह स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं कि वह हिंदू हैं और उन्हें इस बात पर गर्व है। यह भी स्वीकार करते हैं कि वह 22 करोड़ लोगों के मुख्यमंत्री हैं। निमंत्रण मिलेगा तो मस्जिद भी जाएंगे। उनका कहना है कि मेरी आस्था निजी है। उसमें पाखंड का स्थान नहीं है। मैं घर में हनुमान चालीसा रखकर बाहर टोपी लगाने वालों में से नहीं हूं।

मंगलवार को यहां एक निजी चैनल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सवालों के जवाब बेबाकी से दिए और पूर्व की सपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। एक सवाल पर कहा कि वह दो साल में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बनाकर देंगे। अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के सर्वे का काम जारी है। अप्रैल तक जेवर एयरपोर्ट को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद यहां भी काम शुरू हो जाएगा। मीरजापुर सोलर प्लांट के लिए सपा सरकार ने सिर्फ जमीन लीज पर दी थी। पैसा केंद्र ने दिया था।

मंदिर का मामला अब कोर्ट पर ही छोड़ देना चाहिए

राम मंदिर के मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लोकसभा चुनाव के पहले आ सकता है। शर्त यह है कि कांग्रेस बेवजह की दखल न दे। मंदिर को लेकर राहुल गांधी की हमदर्दी का कोई अर्थ नहीं है। 1991 से 1996 और 2004 से 2014 तक केंद्र में उनकी ही सरकार रही है। सुलह से मंदिर निर्माण की किसी भी पहल का स्वागत है, पर ये बातें 1991 से चल रहीं हैं।

एक भी एनकाउंटर गलत नहीं हुआ

विपक्ष द्वारा एनकाउंटर पर सवाल उठाने पर योगी ने कहा कि एक भी एनकाउंटर गलत नहीं हुआ। जिनकी अपराधियों से सहानुभूति थी वही ऐसी बातें कर रहे हैं। उनके समय में जंगलराज था। आज पुलिस के खौफ से अपराधी अपराध छोड़कर सब्जी बेच रहे हैं।

सपा सरकार ने काम नहीं सिर्फ कारनामे किये

काम मैंने किया श्रेय भाजपा ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस आरोप के बाबत योगी ने कहा कि उन्होंने काम नहीं, कारनामे किये। अगर काम करते तो जनता उनको नकारती क्यों? अब तो वह सदन में सामना करने से भी कतराते हैं। यही वजह है कि अब पीठ पीछे ट्वीट करके सरकार पर आरोप लगाते हैं। विपक्षी दलों के गठबंधन के बावजूद भाजपा लोकसभा की सभी सीटें जीतेंगी। हार के डर से राहुल, सोनिया जैसे तमाम दिग्गज पलायन कर जाएंगे।