भुवनेश्वर। ओडिशा में चक्रवाती तूफान तितली के बाद भारी बारिश से तीन जिलों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। 60 लाख से ज्यादा लोग भारी बारिश व बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत व बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

राज्य के गंजाम, गजपति व रायगढ़ जिलों में हालत ज्यादा खराब हैं क्योंकि प्रमुख नदियों रषिषकुल्या और बनासधारा ने खतरे का निशान पार कर लिया है। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से गुरुवार शाम से ही ओडिशा में लगातार भीषण बारिश का दौर जारी है। इसके चलते कई नदियां उफान पर हैं।

वहीं, कई शहरों में जल निकासी का संकट पैदा हो गया है। गंजाम जिले में इच्छापुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब पांच फीट पानी प्रवाहित हो रहा है। इससे ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क टूट गया है। रास्ते के दोनों ओर सैकड़ों वाहन खड़े हैं।

घोड़ाहाड़ एवं बाहुदा नदी में जल स्तर बढ़ने से भंजनगर शहर का बाहरी दुनिया से संपर्क कट गया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह 7ः30 बजे तक फुलवाड़ी जिले में सबसे ज्यादा 200.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं पुरी में 191 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश का दौर आगामी 24 घंटे तक जारी रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति में हालत और गंभीर हो सकते हैं। गजपति में दीवार गिरने से दो की मौत गजपति जिले के गोशाणी लावण्यगड़ में दीवार गिरने से दो लोगों की दबकर मौत हो गई।

जबकि कटक जिले के विष्णुपुर गांव में पहाड़ से खिसककर पत्थर एक घर के ऊपर गिरने से घर में शो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्य बुरी तरह से घायल हो गए। राज्य में हो रही लगातार भारी बारिश और उससे उत्पन्न हालात के संदर्भ में शुक्रवार को विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने मीडिया को बताया कि गंजाम, गजपति व रायगढ़ जिले में स्थिति गंभीर है।

वहीं बारिश में आसिका जेल का गेट टूट गया है। इससे जेल के 193 कैदियों को स्थानांतरित किया गया है। पटरियां डूबीं, 16 ट्रेनें रद भारी बारिश के कारण कई जगह पटरियां पानी में डूबने से पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) ने शुक्रवार को 16 ट्रेनों को रद कर दिया। लगातार बारिश के कारण बहरामपुर-पलासा रेल खंड के ट्रैक पर जमा पानी घटने का नाम नहीं ले रहा है।

बंगाल में भी तितली ने ली जान, पूजा पंडाल व घर ढहे

चक्रवाती तूफान तितली की उड़ान पश्चिम बंगाल पहुंचने से पहले धीमी जरूर हुई, लेकिन राज्य में एक जान ले ली। साथ ही इस तूफान की वजह से बने निम्न दबाव के कारण राज्य में भारी बारिश व तेज हवाएं चल रही हैं।

इस तेज हवा व बारिश की वजह से पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर क्षेत्र के चार गांव में कई कच्चे मकान व दुर्गापूजा के लिए बनाए गए पंडाल धराशायी हो गए। इस दौरान दीवार में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।