नई दिल्ली। भारत के महत्वाकांक्षी भू-राजनीतिक सम्मेलन "रायसीना डायलॉग" के तीसरे संस्करण में 90 देशों के 150 से अधिक वक्ताओं और 550 से ज्यादा प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। 16 जनवरी से शुरू होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू करेंगे।

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी उपस्थित रहेंगी। सम्मेलन में नई चुनौतियों व साइबर सुरक्षा सहित कई रणनीति मुद्दों पर मंथन होगा।

नेतन्याहू अपनी छह दिवसीय यात्रा पर 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय और आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) मिलकर राजधानी स्थित ताज पैलेस होटल में सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं।

आयोजकों की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस साल सम्मेलन की थीम "विघटनकारी बदलावों का प्रबंधन : विचार, संस्थान और रियायतें" हैं। थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा भी सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित करेंगे। उनके साथ अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस, ब्रिटेन के संयुक्त बलों के कमांडर जनरल क्रिस डेवेरल सहित अन्य भी अपनी बातें रखेंगे।

बयान के अनुसार, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफेन हार्डर और स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ट सहित 90 देशों के 150 से अधिक वक्ता और 550 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे।