नई दिल्ली। आतंकवाद और उग्रवाद से Online लड़ने और इंटरनेट को सुरक्षित बनाने के लिए पेरिस में एक बड़ी पहल हुई। भारत बुधवार को इस पहल में कनाडा, फ्रांस, न्यूजीलैंड और कई अन्य देशों के साथ शामिल हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में मस्जिदों में हुए हमले में 51 लोगों के मारे जाने के बाद उस शहर के नाम पर इस पहल को 'क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन' नाम दिया गया है।

घोषणा में कहा गया, 'एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित इंटरनेट एक शक्तिशाली उपकरण है। इससे कनेक्टिविटी, सामाजिक समावेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।'

हालांकि, इसमें कहा गया है कि इंटरनेट आतंकवादी और हिंसक चरमपंथियों से अछूता नहीं है और आतंकवादी समूहों से इंटरनेट को सुरक्षित करने के लिए विश्व स्तर पर सामूहिक कोशिशों की जरूरत है।

घोषणा में कहा गया है कि क्राइस्टचर्च हमला इस बात पर बल देता है कि इस मुद्दे पर व्यापक और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। Online से आतंकी और हिंसक सामग्री हटाने के लिए इस अभियान में सरकार, नागरिक संगठन और Online सर्विस प्रोवाइडर को शामिल होने की जरूरत है।