नई दिल्ली। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो ने कहा है कि भारत जैसे विविधतापूर्ण समाज में सहिष्णुता ही काफी नहीं है, बल्कि जरूरत एक-दूसरे से प्यार करने की ज्यादा है। एक हफ्ते की अपनी भारत यात्रा के अंतिम दिन कनाडाई प्रधानमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में 'यूनाइटेड नेशन्स यंग चेंजमेकर्स कांक्लेव' में करीब 5000 भारतीय छात्र-छात्राओं और युवा पेशेवरों को संबोधित कर रहे थे।

ट्रूडो ने कहा कि दुनिया में लोगों को प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों को स्वीकार करना चाहिए और इस आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए कि वह क्या हैं या उनकी पृष्ठभूमि क्या है। विविधता और बहुलता विभिन्न पृष्ठभूमि और विभिन्न कथानक वाले लोगों को एकजुट करती है और सिर्फ यही बात मायने रखती है।

एक स्कूल शिक्षक से प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे जस्टिन ट्रूडो के साथ उनकी पत्नी सोफी ट्रूडो भी मौजूद थीं। उन्होंने अपने पति का परिचय एक 'एलाई' और 'बिग ब्रदर' के तौर पर करवाया जो खुद डरता था और यह भी जानता था कि आगे कैसे बढ़ना है।