नई दिल्ली। भारत ने पाक के उप उच्चायुक्त को तलब करके उस घटना पर तीखा विरोध जताया जिसमें पाक दौरे पर गए सिख जत्थे के समक्ष खालिस्तान का मुद्दा उठाया गया था।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह भारत की संप्रभुता पर हमला है और विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य बढ़ाने वाला है। पाक अधिकारी के समक्ष इस बात को लेकर तीखा विरोध जताया गया कि पाक यात्रा पर गए सिख जत्थे को पोस्टरों के माध्यम से बरगलाने का प्रयास हुआ।

गौरतलब है कि भारत से 18 सौ सिखों का जत्था 12 अप्रैल को पाक में स्थित गुरुद्वारों के भ्रमण पर गया है। द्विपक्षीय समझौते के तहत यह यात्रा की जा रही है। भारत का कहना है कि यह कृत्य 1974 के समझौते के प्रतिकूल है। भारतीय उच्चायुक्त बैसाखी के मौके पर भारतीय दल का स्वागत करने गए थे, लेकिन पाक अधिकारियों ने उन्हें गुरुद्वारा पंजा साहिब के रास्ते से ही लौटा दिया।

पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस खबरों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि गुरुद्वारे पर विश्व भर से सिख जमा हुए थे और भारत में गुरु नानक देव जी पर रिलीज हुई फिल्म का विरोध कर रहे थे। उनका कहना है कि भारतीय राजनयिक ने रविवार को सिखों के दल से मुलाकात की।