आजमगढ़। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया इंडियन मुजाहिदीन का मोस्ट वांटेड आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद 10 वर्ष पूर्व घर आया था। आरिज का दिल्ली में हुए बटला हाउस कांड में नाम आने के बाद से ही परिवारीजन ने उससे रिश्ता तोड़ लिया था। सदमे के चलते उसके पिता की मृत्यु भी हो गई थी। अच्छे-खासे घर से ताल्लुक रखने व इंजीनियरिग की पढ़ाई करने वाले आरिज की करतूत से परिवारीजन इस कदर खफा हुए कि पैतृक आवास छोड़ एक मोहल्ले में निवास करने लगे। उसके पैतृक गांव में जहां सन्नाटा पसरा है, वहीं उसके परिवारीजन कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं।

चाचा के यहां रहकर की पढ़ाई

बिलरियागंज थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के मूल निवासी आरिज उर्फ जुनैद खान के चाचा डा. फकरे आलम पेशे से चिकित्सक हैं। नसीरपुर बाजार में ही उनकी डिस्पेंसरी है। फकरे आलम बाज बहादुर में अपना मकान बनवाकर परिवार समेत रहते हैं। आरिज ने अपने चाचा के यहां रहकर प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वह मुजफ्फरनगर इंजीनियरिग की पढ़ाई करने के लिए चला गया।

दिल्ली में पकड़ा गया IM आतंकी, बाटला हाउस एनकाउंटर में हुआ था फरार

बटला हाउस कांड का आरोपी

13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल बम धमाकों के बाद उसका नाम प्रमुखता के साथ सामने आया था। इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी यासीन भटकल का सहयोगी आरिज तभी से दिल्ली पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था। आरिज पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आरिज का नाम आतंकी के रूप में सामने आया तो इस सदमे को उसके पिता जफरे आलम खान बर्दाश्त नहीं कर सके और उनका इंतकाल हो गया।

तीन भाइयों में मझला है आरिज

आरिज तीन भाइयों में मझला है। बड़ा भाई शारिक दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। छोटा भाई अपने चाचा डॉ. फकरे आलम के साथ डिस्पेंसरी पर रहता है। पिता की मौत के बाद आरिज की मां तबस्सुम अपने छोटे बेटा ताबिस व बड़े बेटे शारिक की पत्नी को लेकर गांव से शहर आ गई। वह टेड़िया में किराये का मकान लेकर रहती हैं।