नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मून जे इन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस वार्ता में कई अहम करार हुए। इसके बाद साझा बयान जारी किया गया जिसमें पीएम मोदी ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों की सरहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बहुत प्रसन्नता का विषय है कि कोरिया की कंपनियों ने भारत में न सिर्फ बड़े स्तर पर निवेश किया है, बल्कि हमारे मेक इन इंडिया मिशन से जुड़ कर भारत में रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। कोरियाई कंपनियों ने अपनी प्रतिबद्धता के चलते भारत के हर घर में अपनी पैठ बनाई है।

पीएम ने आगे कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और कोरिया गणराज्य की न्यू साउदर्न पॉलिसी में स्वाभाविक एकरसता है। मैं राष्ट्रपति मून के इस विचार का हार्दिक स्वागत करता हूं कि भारत और कोरिया गणराज्य के संबंध उनकी न्यू साउदर्न पॉलिसी का एक आधार स्तम्भ है।

हमारी बातचीत के परिणामस्वरूप एक विजन स्टेटमेंट जारी किया जा रहा है। हमारा फोकस अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर है। इस का एक स्तम्भ हमारे आर्थिक और व्यापारिक संबंध हैं

पीएम ने आगे कहा कि कोरिया गणराज्य की प्रगति विश्व में अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है। कोरिया के जनमानस ने दिखाया है कि यदि कोई देश एक समान विजन और उद्देश्य के प्रति वचनबद्ध हो जाता है तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। कोरिया की यह प्रगति भारत के लिए भी प्रेरणादायक है

इससे पहले दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून-जे-इन का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में भव्‍य स्वागत किया गया। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति अपनी पत्नी किम जुंग सूक के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे। इस दौरान उनकी अगवानी के लिए राष्‍ट्रपति भवन में रामनाथ कोविद और उनकी पत्‍नी सविता कोविद के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे।