नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत और चीन के सीमाई इलाकों में सुरीली चिड़िया की नई प्रजातियां मिली हैं। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक दल ने इनकी खोज की है। एवियन रिसर्च जर्नल के ताजा अंक में इन प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई है।

मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक पामेला रासमुसेन ने कहा कि इन वन चिड़ियों की खोज की शुरुआत वर्ष 2009 में की गई थी। अपनी ओर वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित करने में इनकी सुरीली आवाज की अहम भूमिका रही थी।

पहले माना जाता था कि हिमालयी वनों में पाई जाने वाली सपाट चोंच वाली चिड़िया जूथेरा मोलिसिमा चिड़िया की ऐसी एकल प्रजाति है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि वास्तव में पूर्वोत्तर भारत में ऐसी चिड़िया की दो अलग-अलग प्रजातियां अस्तित्व में हैं।

इसी दौरान चीन के सीमावर्ती इलाकों में सपाट चोंच वाली चिड़िया की एक तीसरी और अन्य दोनों से अलग प्रजाति भी सामने आई। डीएनए जांच के अनुसार ये तीनों प्रजातियां लाखों साल से अलग-अलग अस्तित्व में हैं। इस खोज दल में बेंगलुरु स्थित नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज के वैज्ञानिक शशांक डालवी भी शामिल रहे।

भारत में पक्षी विज्ञान और प्राकृतिक संरक्षण के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए महान पक्षी विज्ञानी सलीम अली के नाम पर इस हिमालयी वन चिड़िया को जूथेरा सलीमअली नाम दिया गया है।