बेंगलुरु। कर्नाटक में राजनीतिक उथल पुथल जारी है। एक तरफ आज से कर्नाटक में विधानसभा का सत्र शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में बागी विधायकों द्वारा इस्तीफे को लेकर लगाई गई याचिका का सुनवाई जारी है। कर्नाटक मुख्यमंत्री की ओर से जहां डॉ. राजीव धवन पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बागी विधायकों द्वारा इस्तीफे को लेकर स्पीकर पर उठाए गए सवालों पर आपत्ति ली है।

वहीं वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इन विधायकों का इस्तीफा देने का उद्देश्य कुछ अलग है और ये अयोग्य होने से बचने के लिए है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगले मंगलवार तक इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट अगली सुनवाई मंगलवार को करेगा।

इसके पूर्व सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गुरुवार देर रात तक स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा बागी विधायकों के इस्तीफों की जांच की गई। वहीं पांच में से तीन विधायक जिनके इस्तीफे तय फॉर्मेट में पाए गए, उन्हें आज शाम 4 बजे मिलने का समय दिया गया है।

इसके पूर्व कर्नाटक में स्पीकर रमेश कुमार ने कहा था कि वह रातभर बागी विधायकों के इस्तीफे का अवलोकन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके इस्तीफे असली हैं कि नहीं। स्पीकर ने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनसे इस मामले में फैसला लेने के लिए कहा था। मैने सारे वाकये की वीडियोग्राफी की है और इसको सुप्रीम कोर्ट भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि बागी एमएलए ने उनसे कहा था कि कुछ लोग उनको धमकी दे रहे थे इस वजह से वो मुंबई चले गए थे। तब मैने उन विधायकों से कहा कि आपको मेरे पास आना था मैं आपको सुरक्षा प्रदान करता।

गौरतलब है कर्नाटक में दिन पर दिन सियासी ड्रामा बढ़ता जा रहा है। गठबंधन सरकार के बागी विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद से ही उन्हें मनाने का दौर जारी है। इस बीच गवर्नर को इस्तीफा दे चुके 10 विधायकों द्वारा इस्तीफा मंजूर किए जाने में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।

इस याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने बागी विधायकों को स्पीकर से मिलकर इस्तीफा सौंपने का कहा था। विधायकों ने मुंबई से बेंगलुरू पहुंचकर स्पीकर को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।