नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने सोमवार को पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक लैंड पोस्ट को इमीग्रेशन चेकपोस्ट के तौर पर अधिसूचित कर दिया। यहां से अनुमति लेकर ही लोग पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जा और आ सकेंगे। अनुमति के लिए चेकपोस्ट पर वैध यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। सिख धर्म के प्रणेता गुरु नानकदेव ने सन 1522 में इस गुरुद्वारे की स्थापना की थी और जीवन के 18 साल उन्होंने यहीं पर गुजारे थे। यह गुरुद्वारा रावी नदी के किनारे स्थित है, जो भारतीय सीमा से बमुश्किल चार किलोमीटर की दूरी पर है।

26 नवंबर, 2018 को उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने डेरा बाबा नानक करतारपुर साहिब कॉरीडोर की आधारशिला रखी थी। यह कॉरीडोर गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान सीमा तक बन रहा है। दो दिन बाद 28 नवंबर को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर चार किलोमीटर लंबे कॉरीडोर की आधारशिला रखी।

दोनों तरफ के कॉरीडोर इसी साल पूरे होकर जुड़ जाएंगे। इसके बाद औपचारिक आवागमन शुरू हो जाएगा। यह कॉरीडोर करतारपुर गुरुद्वारे को भारत के गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक तीर्थ से जोड़ेगा। इस कॉरीडोर से होकर बिना वीजा के भारतीय सिख तीर्थयात्री करतार साहिब गुरुद्वारा जा सकेंगे। यह यात्रा एक अनुमति पत्र के जरिये होगी।