कोच्चि। केरल में हाई कोर्ट ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक केएम शाजी को विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य घोषित कर दिया है। उन पर 2016 के विधानसभा चुनाव में धर्म के इस्तेमाल का आरोप सिद्ध हो गया है। शाजी ने 2016 में अझीकोड विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पीडी राजन ने विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग से आदेश की बाबत आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है।

कोर्ट ने शाजी के छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई है। साथ ही शाजी को 50 हजार रुपये का हर्जाना वादी एमवी निकेश कुमार को चुकाने का आदेश दिया है। लेकिन शाजी के अधिवक्ता की अर्जी पर कुछ देर बाद जस्टिस राजन ने आदेश का क्रियान्वयन दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया।

इस दौरान शाजी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जाएगी। कानून के विशेषज्ञों के अनुसार इससे शाजी की विधानसभा की सदस्यता बनी रहेगी। केरल में मुस्लिम लीग कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) में शामिल है। हाई कोर्ट ने यह आदेश एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) के उम्मीदवार रहे निकेश कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।

निकेश कुमार अझीकोड सीट पर शाजी के खिलाफ चुनाव मैदान में थे। याचिका में उन्होंने कहा, शाजी ने भ्रष्ट तरीके अपनाकर 2,287 मतों की जीत हासिल की है। शाजी ने चुनाव जीतने के लिए आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन किया। प्रचार के दौरान मुस्लिम मतदाताओं के मत प्राप्त करने के लिए शाजी ने धर्म पर आधारित अपील जारी की। प्रचार के दौरान शाजी की तरफ से ऐसा पंफलेट बंटवाया गया जिसमें गैर मुस्लिम उम्मीदवार को वोट न देने की अपील की गई थी।