कोट्टायम। उस शख्स के पैरों तले जमीन खिसक जाती है जब हंसती-खेलती जिंदगी में उसे कैंसर होने का पता चले। लेकिन उस शख्स का क्या हाल हो जब उसे कैंसर न हो लेकिन फिर भी इलाज कर दिया जाए और उस इलाज से उसकी जिंदगी और तहस-नहस हो जाए। केरल की 38 साल की महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। महिला को कैंसर ना होने के बावजूद कोट्टायम के सरकारी अस्पताल में कीमोथेरेपी कर दी गई जिसके बाद उनके सारे बाल गिर गए। रिपोर्ट में महिला के ब्रेस्ट में कैंसर सेल्स बताए गए लेकिन पहली कीमोथेरेपी के बाद पता चला कि उन्हें कैंसर नहीं है। बिना कैंसर के कीमोथैरेपी ने उसकी जिंदगी को और परेशानी में डाल दिया है। महिला की अब यह हालत है कि वह काम पर भी नहीं जा पाती है। महिला ने यह भी कहा कि उसे अस्पताल में गलत इलाज के कारण कई गंभीर साइड इफेक्ट्स का भी सामना करना पड़ा।

रजनी नाम की यह महिला घर में कमाने वाली सिर्फ वही एक महिला हैं। उसकी एक आठ साल की बेटी है और महिला के बुजुर्ग माता-पिता भी उसके साथ रहते हैं। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।

ये था मामला

महिला को स्तन पर गांठ महसूस हुई तो वह अस्पताल पहुंची। महिला के दो सैम्पल को प्राइवेट लैब में भेजा गया। प्राइवेट लैब से रिपोर्ट आई तो डॉक्टर ने महिला की कीमोथेरेपी करने का फैसला लिया। पहले स्टेज की कीमोथेरेपी के बाद डॉक्टरों को जब दूसरी रिपोर्ट मिली तो चौंक गए, जिसमें कहा गया था कि गांठ में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है। महिला ने एक बार फिर से जांच कराई, जिसमे इस बात की पुष्टि हुई की महिला को कैंसर नहीं है। महिला इस रिपोर्ट को लेकर अस्पताल पहुंची। इस रिपोर्ट को जब महिला अस्पताल लेकर पहुंची तो महिला की कीमोथेरेपी को रद्द कर दिया गया। लेकिन इस वक्त तक महिला अपने बाल खो चुकी थी। इस कीमोथेरेपी की वजह से उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उसका शरीर काफी कमजोर पड़ गया। काम करने में भी अब उसे मुश्किलें आने लगी।