कोलकाता। माझेरहाट ओवरब्रिज का एक हिस्सा गिर जाने की घटना की रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें सीधेतौर पर पीडब्ल्यूडी को दोषी ठहराया गया है। पश्चिम बंगाल के माजेरहाट में हुए पुल हादसे मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने पुराने पुल को तोड़कर नए पुल का निर्माण कराने का निर्णय लिया है।

इसके साथ ही पुल हादसे के दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राथमिक जांच के अनुसार पीडबल्यूडी विभाग को लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना गया है। नया पुल एक वर्ष में बनाया जाएगा।सूबे की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि माजेरहाट पुल गिरने के मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने लापरवाही की थी, वे जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते।

इस मामले में जो भी लोग दोषी पाये जाएंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले की जानकारी दी है। बताते चलें कि इस हादसे को स्वतः संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस ने गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, रिपोर्ट में किसी संस्था या व्यक्ति के नाम का उल्लेख नहीं किया गया था। उधर, रेलवे ने पुल गिरने की घटना पर रिपोर्ट मांगी थी।

बता दें कि चार सितंबर मंगलवार को घंटेभर की मूसलधार बारिश के बाद दक्षिण कोलकाता के माझेरहाट में रेल लाइन के ऊपर बने ओवरब्रिज का एक हिस्सा व्यस्त समय में तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में ओवरब्रिज से गुजर रहे यात्री बस और कई छोटे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना के बाद सेना के साथ आपदा प्रबंधन टीम और दमकल कर्मियों को युद्धस्तर पर बचाव कार्य में लगाया गया था। वहीं एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स) की पांच टीमों को भी कोलकाता भेजा गया था।

शाम करीब साढ़े चार बजे इकबालपुर से बेहला को जोड़ने वाले माझेरहाट में बने ओवरब्रिज का एक हिस्सा गिर पड़ा था। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 लोग जख्मी हो गए थे। ओवरब्रिज का दायित्व संभालने वाले लोक निर्माण विभाग ने हादसे की जिम्मेदारी लेने से हाथ पीछे खींच लिए थे।

हालांकि, राज्य सरकार ने रेलवे के मत्थे इसका ठीकरा फोड़ दिया था। उधर, रेल विकास निगम लिमिटेड ने भी बिना समय गंवाए घटना से उसका कोई संबंध होने से साफ इन्कार कर दिया। हादसे के 24 घंटे बीतने के बाद भी किसी संस्था द्वारा जिम्मेदारी नहीं लिए जाने के बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के निर्देश पर पुलिस की ओर से ओवरब्रिज के रखरखाव में लापरवाही को आधार बनाकर अलीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

राइट्स (रेल विकास निगम लिमिटेड) ने बुधवार को माझेरहाट ओवरब्रिज हादसे की प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मेट्रो रेल परियोजना का इस हादसे से कोई संबंध नहीं है। राइट्स के हवाले से बताया गया है कि अतिरिक्त भार और अधिक दरार होने के कारण यह घटना हुई।

इससे पहले पूर्व रेलवे ने हादसे के बाद कहा था कि ओवरब्रिज का क्षतिग्र्रस्त हिस्सा केएमसी (कोलकाता नगर निगम) के अधिकार क्षेत्र में आता है। उसके अधिकार क्षेत्र में माझेरहाट रेलवे लाइन का क्षेत्र ही आता है, जहां कोई क्षति नहीं हुई है। इसके बाद पूर्व रेलवे ने घटना की जांच का जिम्मा राइट्स को सौंपा।