कोलकाता। सारधा चिटफंड घोटाले से जुड़े सवालों के सटीक जवाब नहीं मिलने पर सीबीआई सोमवार को भी कोलकाता पुलिस आयुक्त(सीपी) राजीव कुमार पूछताछ करने वाली है। इसके लिए राजीव कुमार शिलांग स्थित सीबीआई दफ्तर पहुंच चुके हैं।

इससे पहले रविवार को लगातार दूसरे दिन राजीव कुमार से पूछताछ हुई वहीं इसी स्थान पर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष से भी पूछताछ की गई। सीपी के लिए 22 पन्ने तो वहीं कुणाल के लिए 14 पन्ने की प्रश्नावली तैयार की गई है। उधर, शाम को सीबीआई ने सीपी और कुणाल घोष को आमने-सामने बैठाकर करीब दो घंटे तक पूछताछ की। दोनों के बयान भी रिकॉर्ड किए गए। बताया गया कि कई सवालों के जवाब नहीं मिलने पर सोमवार को भी राजीव कुमार और कुणाल को बुलाया गया था।

सूत्रों के अनुसार रविवार सुबह करीब 10 बजे शिलांग के ऑकलैंड स्थित सीबीआई दफ्तर पहुंचने पर कुणाल घोष का सबसे पहले मीडिया से सामना हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे सीबीआई ने बुलाया है, इसलिए आया हूं। मैं जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करूंगा। इसके बाद उन्होंने रास्ते में हो रही पूजा पंडाल में पहुंचकर मां सरस्वती को नमन किया।

इसके बाद वह अपने वकील को बाहर छोड़कर सीबीआइ कार्यालय के अंदर दाखिल हो गए। इसी बीच सुबह करीब 10.20 बजे सीपी राजीव कुमार भी सुरक्षा के बीच सीबीआई कार्यालय पहुंच गए। बता दें कि सीपी से शनिवार को भी करीब आठ घंटे पूछताछ की गई थी, लेकिन सीबीआई द्वारा पूछे गए सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर रविवार सुबह सीपी को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया। सीपी पर एसआईटी के प्रमुख रहने के दौरान सारधा चिटफंड से जुड़े सुबूतों को नष्ट करने के आरोप हैं।

सीबीआई अफसरों ने रविवार सुबह सीपी राजीव कुमार और पूर्व सांसद कुणाल घोष से अलग- अलग पूछताछ की। दोपहर में एक घंटे का लंच ब्रेक दिया गया। इसके बाद फिर से सीबीआई ने दोनों से पूछताछ की। करीब सात घंटे अलग-अलग पूछताछ के बाद शाम करीब 6.40 बजे कुणाल को सीपी के कक्ष में ले जाया गया और आमने-सामने बैठाकर फिर से पूछताछ शुरू कर दी गई, जो रात करीब नौ बजे तक चली।

सूत्रों की मानें तो सारधा घोटाले की जांच के दौरान एसआईटी ने जम्मू-कश्मीर से सुदीप्त सेन, देवजानी मुखर्जी तथा अरविंद सिंह चौहान को गिरफ्तार कर उनके पास से एक लैपटॉप और पांच मोबाइल जब्त किए थे, लेकिन सामानों को सीबीआई के सुपुर्द नहीं किया गया था। सीपी के अनुसार एसआईटी ने जब्त सामानों को उनके परिवार को लौटा दिया था।

इस पर सीबीआई का सवाल था कि लैपटॉप और मोबाइल को बिना फॉरेंसिक जांच के कैसे वापस कर दिया गया। इस वक्त उक्त सामान कहां हैं? इसके अलावा घोटाले से जुड़े सुबूतों के बाबत कई और सवाल भी सीपी से पूछे गए। सीबीआई सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद कुणाल ने पीएमओ, सीबीआई और ईडी को पत्र भेजकर सीपी राजीव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसी पत्र को सामने रखकर सीपी से पूछताछ की गई। उधर, रोजवैली मामले की जांच अधिकारी सोजम शेरपा भी रविवार शाम शिलांग पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि सारधा के बाद रोजवैली मामले में भी पूछताछ की जा सकती है।