नई दिल्ली। भाजपा और कांग्रेस नेताओं की बदजुबानी पर कवि डॉ. कुमार विश्वास ने तंज कसा है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है - 'आप क्या समझते हैं कि कांग्रेस के पास ही सैम पित्रोदा और मणिशकर अय्यर हैं? एक भाषण में पांच बार “पूज्य बापू” कहने वाले प्रधानमंत्री के चुनावी-श्रम को पलीता लगाने के लिए उनके घर में भी कम लोग नहीं।' कुमार विश्वास ने यह बात भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह के उस बयान के बाद दिया है, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश भक्त बताया था। इससे पहले कांग्रेस नेता सेम पित्रोदा और मणिशंकर अय्यर भी ऐसा बयान दे चुके हैं, जिनका खामियाजा पार्टी को चुनावों में उठाना पड़ा।

गोडसे वाले विवाद की शुरुआत चेन्नई से हुई थी, जहां फिल्मी दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले साउथ के सुपरस्टार कमल हासन ने विवादित बयान दिया था। कमल हासन ने कहा था, 'आजाद भारत का पहला आतंकवादी हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था, जिसने महात्मा गांधी की हत्या की थी।' उन्होंने अरावकुरिची विधानसभा उपचुनाव के लिए अपनी पार्टी मक्कल निधि मय्यम के प्रत्याशी मोहनराज के समर्थन में आयोजित रैली में यह बात कही थी। इसके जवाब में साध्वी प्रज्ञा सिंह ने गोडसे को राष्ट्रभक्त बताया था।

'हुआ तो हुआ' पर फंस गए थे सैम पित्रोदा

राहुल गांधी के गुरु माने जाने वाले सैम पित्रोदा ने 1984 के सिख दंगों पर कहा था कि हुआ तो हुआ। इसके बाद भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया था। पित्रोदा ने माफी भी मांगी, लेकिन सियासत होती रही। इसी तरह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने भी पार्टी के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। मणिशंकर ने दो साल पहले पीएम मोदी को 'नीच' बताने वाले अपने बयान को सही ठहरा कर एक बार फिर बवाल खड़ा कर दिया। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अय्यर के दिए इस बयान पर काफी बवाल मचा था और बाद में कांग्रेस नेता को माफी मांगनी पड़ी थी।