रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने चारा घोटाले के दो मामलों में शुक्रवार को हाजिरी लगाई। दुमका और डोरंडा मामले में लालू के साथ पूर्व सांसद डॉ. आरके राणा सहित अन्य आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल से लाकर पेश किया गया था।

लालू को सबसे पहले दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान लालू अधिवक्ता और राजद के नेताओं से घिरे रहे। चाय की चुस्की भी ली। पान मसाला भी खाने से नहीं चूके। लालू ने मोबाइल पर पत्नी राबड़ी देवी से भी बात की।

उन्होंने कहा ठीक बा इहां, बोलअ, चिंता मत करीह लोग...हम ठीक से बानी...। लालू के करीबी भोला यादव ने मोबाइल लगाकर उनके हाथों में यह कहते हुए दिया था कि मैडम लाइन पर हैं।

लालू ने मीडियाकर्मियों को भी नसीहत देने से परहेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की बातों को छापा करें। कोर्ट के सब बाते छाप दे त.., खैनी-उईनी भी खाय द। थूकत बानी ऊहो छपअता..। जेल अइह त पता चली...।

15 जनवरी को बचाव साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम मौका

दुमका कोषागार मामले में विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने अल्फावेटिकल नाम पुकारते हुए सभी आरोपियों को मामले में बचाव साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। शुक्रवार को किसी की ओर से गवाह प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने आरोपियों को बचाव साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम मौका देते हुए सुनवाई की अगली तिथि 15 जनवरी निर्धारित की। यह मामला दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये अवैध निकासी से संबंधित है।

23 को सभी आरोपियों को उपस्थित होने का आदेश

डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाले में सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद व अन्य आरोपी हाथ बांधकर खड़े थे तो जज ने कहा कि अगर परेशानी है तो बैठ सकते हैं। इसके बाद आरोपी कोर्ट में बैठे। अदालत ने पेशी के दौरान कोर्ट रूम में लगी भीड़ पर नाराजगी जताई। कहा कि इनका पोलटिकल स्टेटस बड़ा है, भीड़ लगाकर इन्हें अजूबा नहीं बनाएं। उन्हें भी सामान्य आरोपी की तरह कोर्ट में लाएं।

अदालत में केस से संबंधित लोग ही रहें। बाद में अन्य लोगों को बाहर कर दिया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। साथ ही 23 जनवरी को मामले से जुड़े सभी आरोपियों को उपस्थित होने का आदेश दिया।

सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ लालू ने दाखिल की हाई कोर्ट में अपील

चारा घोटाले में सजा पाए लालू प्रसाद और पूर्व सांसद आरके राणा की ओर से सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। इसके अलावा जमानत देने की गुहार भी लगाई गई है। बता दें कि छह जनवरी को सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।