चेन्नई। देश के वयोवृृद्ध नेता और तमिलनाडु से लेकर केंद्र तक की सियासत में लंबे समय तक बड़ी भूमिका निभाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री मुत्तुवेल करुणानिधि का मरीना बीच पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया। परिवार के सदस्यों, बड़े नेताओं और हजारों समर्थकों की मौजूदगी में कलईनार को अंतिम विदाई दी गई।

उन्हें अन्ना मेमोरियल के पास ही दफनाया गया है। करुणानिधि के अंतिम संस्कार में राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू के अलावा डेरेक ओ ब्रायन भी मौजद रहे। वहीं तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, राज्य मंत्री डी जयकुमार और केंद्रीय मंत्री राधाकष्णन ने मरीना बीच पहुंचकर डीएमके प्रमुख करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी।

इससे पहले राज्य सरकार ने करुणानिधि को दफनाए जाने के लिए मरीना बीच पर जगह देने से इन्कार कर दिया था। राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ रात में ही द्रमुक मद्रास हाई कोर्ट चली गई थी।

इससे पहले दोपहर में राजाजी हॉल के बाहर, जहां करुणानिधि का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, वहां समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। ज्यादा भीड़ होने की वजह से पुलिस ने राजाजी हॉल के अंदर जाने के रास्ते को बंद कर दिया था। ऐसे में अपने नेता के आखिरी दर्शन के लिए समर्थक छत पर चढ़ने की कोशिश करते दिख रहे थे।

दिन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिन में राजाजी हॉल में डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी थी। इसके अलावा अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी उनके अंतिम दर्शन किए।

गौरतलब है कि राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की सुप्रीमो रहीं जे. जयललिता को मरीना बीच पर ही दफनाया गया था। द्रविड़ नेताओं को दाह संस्कार के बजाय दफनाने की लंबी परंपरा रही है। यहां तक कि अन्ना दुरई और एमजीआर सहित ज्यादातर द्रविड़ नेता दफनाए ही गए।

करुणानिधि पिछले 10 दिनों से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार शाम छह बजकर दस मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। पार्थिव शरीर को कावेरी अस्पताल से गोपालपुरम आवास ले जाया गया था। बुधवार सुबह राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।

करुणानिधि 94 साल के थे। वह अपने पीछे दो पत्नियां, छह पुत्र-पुत्रियां छोड़ गए हैं। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन उनके बेटे हैं। उनकी बेटी कनीमोरी राज्यसभा की सदस्य हैं। द्रमुक प्रमुख करुणानिधि पांच बार मुख्यमंत्री रहे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताते हुए कहा, 'कलैनार के नाम से लोकप्रिय नेता का जाना अपूरणीय क्षति है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को छुट्टी और राज्य में सात दिनों के शोक की घोषणा की है। दिल्ली और देश की राजधानियों में भी उनके सम्मान में बुधवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

पीएम मोदी ने कहा, हमेशा याद रखेगा देश प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, 'करुणानिधि के निधन से गहरा धक्का लगा। वह देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे। हमने जमीन से जुड़े एक नायक को खो दिया है। लोकतंत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध नेता को आपातकाल के खिलाफ कड़े विरोध के लिए याद किया जाएगा।'