चेन्नई। RBI के एक कर्मचारी द्वारा मद्रास हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर कोर्ट ने कहा है कि RBI कर्मचारी सरकारी नौकर नहीं है। मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कर्मचारियों को रोजगार स्थिति पहचान करते समय सरकारी कर्मचारी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

जस्टिस केके शशिधरण और जस्टिस पीडी औदिकेसवुलु की बेंच ने कहा, 'सच यह है कि केंद्र सरकार का RBI पर प्रत्यायक नियंत्रण है। इसका अर्थ यह नहीं कि इसके कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी कहलाएंगे। सच यह है कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 12 के अंतर्गत RBI एक स्टेट है।

इसके बाद भी यह नहीं कहा जा सकता है कि इसके सभी कर्मचारी नियमित सरकारी कर्मचारी है।' यह व्यवस्था RBI के एक कर्मचारी ई. मनोज कुमार की याचिका पर दी गई है।

याचिकाकर्ता कुमार ने तमिलनाडु लोकसेवा आयोग में अपना रिजल्ट घोषित करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के आवेदन पर प्रश्नों का उत्तर देते हुए 2016 में कुमार ने खुद को गैर-सरकारी कर्मचारी लिखा था।

आयोग ने इस आधार पर उनका रिजल्ट रोक लिया। आवेदन में लिखा था, 'क्या आप सरकारी कर्मचारी हैं?' कुमार ने इसका नकारात्मक उत्तर दिया था।