इलाहाबाद। बलिया में एसटीएफ ने सिर्फ नकल माफिया का ही भंडाफोड़ नहीं किया है, बल्कि यूपी बोर्ड परीक्षा की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बोर्ड प्रशासन नकल व उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली रोकने को जिन क्रमांकित (कोडिंग वाली) कॉपियों पर 50 जिलों में परीक्षाएं करा रहा है, उसमें बलिया जिला भी शामिल है। वहां खास कोड वाली कॉपियां परीक्षा केंद्र से निकलकर प्रबंधक के आवास तक पहुंच गईं। यदि ऐसा बलिया में हुआ है तो नकल के लिए कुख्यात अन्य जिलों में भी होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।

एसटीएफ की कार्रवाई से बोर्ड प्रशासन सकते में है, क्योंकि यह दावा किया गया था कि क्रमांकित कॉपियों से इस पर विराम लगेगा लेकिन, नकल माफिया ने इंतजामों को तार-तार कर दिया है। परीक्षा शुरू होने के बाद से प्रदेश के बलिया, कौशांबी, इलाहाबाद, गाजीपुर, देवरिया, गोंडा, प्रतापगढ़, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, हाथरस, शाहजहांपुर आदि में भी इस तरह से कॉपियां बदलने की चर्चा तेज रही है। उनमें बलिया के दो केंद्रों का पर्दाफाश भी हुआ है लेकिन, अब भी अन्य जगहों पर ऐसा होने की सुगबुगाहट तेज है।

सूत्र बताते हैं कि यह "खेल" करने में बोर्ड के नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। परीक्षा में निर्देश है कि इम्तिहान शुरू होने के आधे घंटे बाद हर केंद्र व्यवस्थापक परीक्षार्थियों की उपस्थिति वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करे।

तमाम परीक्षा केंद्र इस निर्देश का पालन पहली पाली या पूरे दिन की परीक्षा खत्म होने के बाद कर रहे हैं। यही नहीं, अब भी कई ऐसे केंद्र हैं जहां की सूचनाएं नियमित रूप से अपडेट नहीं हो रही हैं। इसीलिए परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या अब तक बढ़ रही है। देर से उपस्थिति की सूचना भेजने में नकल माफिया परीक्षा में न बैठने वालों की लिखी कॉपियां जमाकर उन्हें उपस्थित कर सकते हैं।

इसी पर अंकुश लगाने के लिए दो साल शासन ने मोबाइल एप शुरू कराया था, इसमें उपस्थिति तत्काल भेजने का निर्देश था, उसे भी नकल माफियाओं के इशारे पर परीक्षा शुरू होने के तीन दिन में ही फेल कर दिया गया था। उसके बाद से वेबसाइट पर सूचनाएं ली जाने लगी।

11 फरवरी को बोर्ड सचिव ने सभी जिलों से उपस्थिति की सूचनाएं तेजी से भेजने का निर्देश दिया है, क्योंकि सूचनाएं आने में अब भी विलंब हो रहा है। इस पर अंकुश लगे बिना कॉपियों की अदला-बदली रोकना मुश्किल होगा।


जौनपुर में पकड़ी प्रिंटिंग मशीन-

बोर्ड परीक्षा शुरू होने के कुछ दिन पहले ही जौनपुर जिले में क्रमांकित कॉपियां छापते प्रिंटिंग मशीन तक पकड़ी जा चुकी है, यानि नकल माफिया हर स्तर पर सेंध लगाने की पूरी तैयारी में पहले से हैं।