गुरदासपुर। दो बार पाकिस्तान के ननकाना साहिब में धार्मिक जत्थे के साथ जाने वाला एक व्यक्ति आइएसआइ के संपर्क में आने के बाद उसका जासूस बन गया। पांच साल तक खुफिया जानकारी आइएसआइ को देता रहा।

बुधवार रात सुरक्षा एजेंसियों की गुप्त सूचना के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी यह सारी जानकारी वाट्सएप व फेसबुक के जरिये पाकिस्तान तक पहुंचाता था।

सेना व पुलिस अधिकारी उससे कड़ी पूछताछ कर रहे हैं। एसएसपी बटाला (पंजाब) उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने पुष्टि करते हुए बताया कि गुरमुख सिंह उर्फ गुरी पुत्र दलबीर सिंह निवासी झामका थाना मत्तेवाल, अमृतसर धार्मिक यात्रा के लिए 2009 व 2012 में ननकाना साहिब (पाकिस्तान) गया था।

वहां उसके संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से बन गए और वापस आकर मोबाइल फोन से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से संपर्क में रहता था।

आरोपी भारतीय सेना की हलचल, सेना की गाड़ियों की फोटो व सीमा पर तैनात आर्मी कैंपों व वहां की लोकेशन की फोटो खींचकर आइएसआइ को भेजता था।

इसके बदले पंजाब का माहौल खराब करने के लिए उनसे पैसों व हथियारों की मांग करता था। पुलिस को उसके घर से दो मोबाइल फोन, पासपोर्ट व आर्मी की मूवमेंट की कुछ फोटो भी मिली हैं।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना गुनाह मान लिया है। उसने माना कि 2012 में जब वह ननकाना साहिब यात्रा के लिए गया था, तो उस समय गुरुद्वारा साहिब में ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के सदस्यों से बंद कमरे में गुप्त बैठक की थी।

इस दौरान उसे प्रेरित किया गया कि वह उनको इंडियन आर्मी संबंधी खुफिया जानकारी मुहैया करवाए। इसके बदले में उसे बहुत सारे पैसे दिए जाएंगे।

वहां से आने के बाद वह लगातार वाट्सएप व फेसबुक के जरिये पाकिस्तान में संपर्क करता रहा। पुलिस का मानना है कि उसके साथ कुछ और लोग भी हो सकते हैं।