वाराणसी। डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) के गौरवशाली इतिहास में एक और पेज जुड़ गया है। शुक्रवार को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने छह हजार हार्स पॉवर क्षमता वाले डब्ल्यूएपी-7 इलेक्ट्रिक रेल इंजन संख्या 30622 को हरी झंडी दिखाकर उसे देश को समर्पित किया। सिन्हा ने इंजन का लोकार्पण करने से पहले उसका निरीक्षण भी किया।

रेल राज्यमंत्री लोको पायलट कैब में गए और वहां तकनीकी जानकारी ली। इसके बाद रेलकर्मियों को इंजन निर्माण के लिए बधाई भी दी। इंजन लोकार्पण करने के अवसर पर सिन्हा ने जीएम आफिस में समीक्षा बैठक की। उन्होंने वर्कशॉप की कार्यप्रणाली पर संतोष जताते हुए कहा कि डीएलडब्ल्यू लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों की मांग के अनुसार इंजन उपलब्ध कराने में डीएलडब्ल्यू किसी से पीछे नहीं है। यहां बने इंजन से देश को बहुत लाभ होता है और डीएलडब्ल्यू के चलते बनारस का भी विकास हो रहा है। इस अवसर पर मुख्य यांत्रिकी इंजीनियर सुनीत शर्मा, सीपीआरओ नितिन मेहरोत्रा आदि उपस्थित थे।

फॉग से लड़ेगा त्रिनेत्र-

धुंध के कारण ट्रेन लेट होने के चलते रेलवे को करोड़ों रुपये का घाटा उठाना पड़ता है और यात्रियों को सबसे अधिक समस्या होती है। कोहरे के कारण ट्रेनें घंटों लेट चलती हैं या फिर ट्रेनों का संचालन स्थगित कर दिया जाता है।

रेल प्रशासन ने ठंड के मौसम में ट्रेनों का संचालन सही करने के लिए इंजन में त्रिनेत्र (फॉग कैमरा) लगाना शुरू कर दिया है। इस कैमरे का ट्रायल सही रहता है तो ट्रेनों के परिचालन में मौसम का असर नहीं होगा। शुक्रवार को डीरेका में इलेक्ट्रिक इंजन का लोकार्पण करने आए रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इंजन में लग रहे फॉग कैमरे की जानकारी दी।

शुरू हो गई है टेस्टिंग-

रेल राज्यमंत्री ने कहा कि कोहरे के चलते पहले भी ट्रेनें लेट होती थीं और अब भी हो रही है, यह नई बात नहीं है। केंद्र सरकार लगातार काम रही है ताकि ट्रेनों का संचालन सही समय से हो। इसी क्रम में रेल इंजन में फॉग कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसकी टेस्टिंग शुरू हो गई है। बेहतर परिणाम मिलते ही इसे अन्य इंजनों में लगाया जाएगा।