नई दिल्ली। बैंक का अरबों रुपया खाकर देश छोड़कर भागे विजय माल्या और नीरव मोदी से जुड़ी प्रत्यर्पण संबंधी विस्तृत जानकारी विदेश मंत्रालय ने देने से मना कर दिया है। मंत्रालय ने RTI के नियम का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की जा सकती जिससे अपराधी पर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता हो।

एक पत्रकार की ओर से RTI याचिका दायर की गई थी। इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि माल्या और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के आवेदन को ब्रिटेन की सरकार के पास भेजा जा चुका है। वह संबंधित ब्रिटेन प्रशासन के संपर्क में हैं। इस संबंध में पत्राचार की प्रति RTI की धारा 8 (1) (H) के तहत नहीं दी जा सकती है।

फिलहाल शराब कारोबारी विजय माल्या ब्रिटेन में जमानत पर बाहर है। किंगफिशर एयरलाइंस का पूर्व मालिक माल्या 9 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी है। माल्या के प्रर्त्यपण की अर्जी को इसी साल फरवरी में ब्रिटेन के गृह मंत्री ने मंजूरी दी है। हालांकि माल्या ने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन की हाईकोर्ट में अपील की है। इस पर आगामी दो जुलाई को सुनवाई होनी है।

इसी तरह भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया लंदन में जारी है। भारत प्रत्यर्पण के मामले में तीसरी बार उसकी जमानत अर्जी खारिज की गई है। उस पर पीएनबी घोटाले में दो अरब डॉलर के घपले का आरोप है। वह इसी साल मार्च से लंदन की जेल में बंद है।