मुंबई। इंफाल में अपने घर से लापता होने के 40 साल बाद अर्धसैनिक बल मणिपुर राइफल्स का जवान मुंबई की सड़कों में घूमते हुए मिला। पुलिस और यूट्यूब वीडियो की मदद से उसके बारे में जानकारी हासिल हो सकी।

मणिपुर पुलिस ने रविवार को खोमद्राम गंभीर (66) से संपर्क किया। पश्चिमी इम्फाल में रहने वाला गंभीर का परिवार उन्हें देखने के लिए उत्साहित है। स्थानीय पतसोई पुलिस स्टेशन के दो पुलिस अधिकारी मंगलवार को गंभीर को लेने के लिए मुंबई जाएंगे। बुधवार को गंभीर का छोटा भाई कुलाचंद्र (57) और परिवार का एक अन्य सदस्य भी मुंबई के लिए रवाना होगा।

ट्विटर यूजर और राजनीतिक कार्यकर्ता एंजेलिका अरिबम ने मुंबई पुलिस के साथ गंभीर की तस्वीर पोस्ट की थी। एक अन्य यूजर ने अतोम समरेंद्र ने गंभीर की पहचान करने में मदद की, जो खुंबोंग में उनके पड़ोसी थे। समरेंद्र ने मुंबई पुलिस के संपर्क करने के लिए अपने फोन नंबर भी ट्वीट किया था।

छह भाई बहनों में तीसरे नंबर के गंभीर पूर्व राइफलमैन थे, जो साल 1978 में लापता हो गए थे। शादी के तीन महीने बाद ही वह अपनी पत्नी से अलग हो गए थे। इसके दो महीने बाद वह बिना किसी को सूचित किए घर छोड़कर चले गए थे। परिवार के लोगों ने उन्हें ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन गंभीर का कहीं पता नहीं चला।

उनके भाई कुल्लाचंद्र की पत्नी मेम्चा और बेटे रोमेन ने कहा कि उन्होंने हाल ही में गांव के एक वयक्ति से गंभीर के बारे में सुना। उसने स्थानीय व्हाट्सएप समूह में लापता व्यक्ति का वीडियो साझा किया था। यू-ट्यूब में अपने भाई के बारे में जानकारी मिलने के बाद 15 अप्रैल को कुल्लाचंद्र ने पतोसी पुलिस से मदद के लिए गुहार की।

कुल्लाचंद्र ने कहा कि जब मेरे भतीजे ने मेरे भाई का वीडियो फुटेज लाकर मुझे दिखाया, तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ। जब मैंने वीडियो देखा, तो मैं रोने लगा। उसके बाद से न तो मुझे नींद आई और न ही भूख लगी है। मैं उससे मिलना चाहता हूं। मैं यह जानकर बहुत खुश हूं कि वह जीवित है। यह एक बुरे सपने से जागने की तरह है।

गौरतलब है कि 17 अक्टूबर 2017 को इस वीडियो को पोस्ट किया गया था। ट्विटर यूजर फिरोज शाकिर ने इस वीडियो को शूट करते हुए बताया था कि बच्चे उसे सड़कों पर नेपाली कहकर चिढ़ाते थे। वे गंभीर से दुर्व्यवहार कर रहे थे। गंभीर चिल्ला रहे थे कि वह मणिपुरी हैं, एक भारतीय, नेपाली नहीं।