नई दिल्ली। इस साल जनवरी में केरल से न्यूजीलैंड के रास्ते में लापता हुए 243 भारतीयों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजनों ने उनकी तलाश के लिए केरल सरकार से गुहार लगाई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक कोई सुद नहीं ली। अब निराश परिजनों ने विदेश मंत्रालय से मदद की अपील की है।

मदनगिर गांव के रहने वाले रविंदर नामक व्यक्ति ने लोगों को न्यूजीलैंड में बेहतर जीवन का सपना दिखाकर चलने के लिए राजी किया था। लापता लोगों में से एक की परिजन अनंती ने बताया कि उसके परिवार के 35 से ज्यादा लोग नाव से गए थे और हमने केरल सरकार से भी इस मामले की जांच के लिए संपर्क किया था, लेकिन सरकार हमारे मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रही। पुलिस ने कुछ पूछताछ की थी, लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

एक अन्य परिजन कस्तूरी ने बताया कि मेरे परिवार ने हमें बताया था कि वे केरल जा रहे हैं और बाद में हमें सुनने में आया कि वे केरल तट से रवाना हो रही एक नाव से न्यूजीलैंड जा रहे हैं। इसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली। इस मामले में हम यहां सरकार से मदद मांगने के लिए आए हैं। एक अन्य लापता व्यक्ति के परिजन सुंदर लिंगम ने कहा कि हम यहां विदेश मंत्री से मिलने और सरकार से इस मसले पर ध्यान देने की अपील करने आए हैं। मेरा परिवार, रिश्तेदार और नातेदार लापता हैं और उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। मुझे यह भी नहीं पता कि इस मामले में शामिल तीसरा पक्ष कौन है।

नाव में जगह नहीं होने से नहीं जा सके देवेंद्र ने बताया कि लोगों को एक बस के जरिये समुद्र तट तक ले जाया गया था। जब मेरी बारी आई तो बस चालक ने बताया कि मुझे बाद में लेकर जाया जाएगा। बस फिर आएगी और बाकी लोगों को भी लेकर जाएगी। कुछ घंटों बाद जब मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने मुझे बताया कि नाव केरल तट से रवाना हो चुकी है और उसमें अब जगह नहीं है।