मल्टीमीडिया डेस्क। बिहार में इन दिनों चमकी बुखार ने कहर बरपा रखा है। इस घातक दिमागी बुखार ने 50 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली है। अकेले मुजफ्फरपुर जिले में ही 25 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। इस बीच अस्पतालों में इस बीमारी के शिकार बच्चों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इस बीमारी के सबसे ज्यादा मामले उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में सामने आ रहे हैं। जानिए इस खतरनाक दिमागी बुखार (चमकी बुखार) के लक्षण, इसके साथ ही समय रहते डॉक्टर्स से सलाह लें।

क्या है चमकी बुखार

चमकी बुखार को एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी में दिमाग में सूजन हो जाती है। ये सब वायरल इंफेक्शन की वजह से होता है। जापानी इंसेफलाइटिस को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। यह बुखार शरीर के इम्यून सिस्टम और दिमाग के ऊतकों पर हमला करता है।

चमकी बुखार के लक्षण

इस बीमारी में सिरदर्द के साथ बुखार आना सबसे बड़ा लक्षण होता है। इस बीमारी का शिकार होने पर मांसपेशियों और ज्वाइंट्स में दर्द, कमजोरी की शिकायत भी होती है। उल्टी आना और चिड़चिड़ेपन के लक्षण भी नजर आते हैं। कई बार इससे पीड़ित मरीज बेहोश भी हो जाता है। बीमारी अगर बढ़ जाती है तो ये लक्षण नजर आते हैं।

- बोलने,सुनने में समस्या आना

- पैरालाइज हो जाना

- भ्रम उत्पन्न होना

- दिमाग संतुलित नहीं रहना

- बेहोशी आना

बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं

- उल्टी या जी मिचलाना

- शरीर में अकड़न आना

- चिड़चिड़ापन बढ़ना

- खोपड़ी के नरम स्थानों में उभार आना

अगर बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो घबराएं नहीं। तत्काल डॉक्टर्स की सलाह लें। जांच के बाद ही तय होता है कि बच्चा चमकी बुखार से पीड़ित है या नहीं।