मल्टीमीडिया डेस्क। कुछ दिनों की झुलसा देने वाली गर्मी की जलन से तूफान फेनी ने कुछ हद तक राहत दी है, लेकिन कुछ दिनों बाद ही नवतपा दस्तक देने वाला है और नवतपा में धरती की तपीश अपने चरम पर होती है। धरती जितनी तपेगी बारिश के योग भी उत्तम होंगे और इसके बाशिंदो का साल भी अच्छा गुजरेगा।

ज्योतिषियों के अनुसार नवतपा इस साल 25 मई को सुबह 10.33 बजे सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ शुरू हो जाएगा और 3 जून को नवतपा का आखिरी दिन होगा। इस दौरान सूर्य, मंगल, बुध का शनि से समसप्तक योग होने से भी धरती के तापमान में इजाफा होता है। वैसे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों तक रहता है, लेकिन शुरुआती नौ दिनों को ही नवतपा के रूप में मान्यता दी जाती है।

मान्यता है कि इन नौ दिनों में धरती जितनी ज्यादा तपेगी आने वाले समय में बारिश के योग उतने ही ज्यादा उत्तम होंगे। यानी नवतपे की तपीश से बारिश का अनुमान लगाया जाता है। इस साल ज्योतिषियों के मुताबिक बुध का शनि से समसप्तक योग नवतपा में बन रहा है। समसप्तक योग से झुलसा देने वाली गर्मी पड़ेगी। जो एक अच्छी वर्षा के संकेत दे रहा है। हालांकि इस दौरान कुछ जगहों पर तेज आंधी के भी योग बन रहे हैं।

ज्योतिषियों का कहना है कि इस साल पिछले साल के मुकाबले बारिश के योग ज्यादा बेहतर है। हालांकि कुछ दिन ऐसे भी रहेंगे जब खंडवर्षा के योग बनेंगे, लेकिन इसके बावजूद शेष बचे दिन बेहतर बारिश की सौगात देकर धरती के आंचल को हरा-भरा कर देंगे। अच्छी वर्षा से बेहतर खाद्यान्न उत्पादन के भी योग बन रहे हैं।