नई दिल्ली। राफेल मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने उस बयान पर कायम हैं कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने संसद में झूठ बोला। सोमवार को संसद में रक्षा मंत्री के बयान के बाद राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा, निर्मला सीतारमण को डिफेन्स मिनिस्टर नहीं, नरेंद्र मोदी का प्रवक्ता कहना चाहिए। उन्होंने लोकसभा में झूठ बोला है। उन्होंंने अभी तक मेरे सवालों का जवाब नहीं दिया है। हमारे सवाल का जवाब दीजिये। नरेंद्र मोदीजी ने राफेल कॉन्ट्रैक्ट को बाईपास किया है। प्रधानमंत्री संसद में राफेल डील पर बयान देने से क्यों बच रहे हैं ?

राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने अनिल अम्बानी के मित्र के कंपनी डसॉल्ट को 20,000 करोड़ रूपये दिए है ,जबकि उन्होंने भारत को अभी तक एक भी जहाज़ नहीं सौंपा है। दूसरी तरफ HAL सरकार को हेलीकाप्टर और जहाज़ बनाकर दे रही है। लेकिन उनको उनका पैसा क्यों नहीं दे रही है. इसके जवाब सरकार को देना चाहिए।

राफेल के बाद संसद में अब HAL पर छिड़ा विवाद, रक्षा मंत्री ने दिया जवाब

राफेल सौदे को लेकर संसद में शुरू हई लड़ाई अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल्स तक पहुंच गई है। इस मामले में राहुल गांधी के आरोपों को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है। रक्षा मंत्री ने सदन में राहुल द्वारा उठाए गए सवालों को पूरी तरह से गलत करार दिया है। हालांकि, इसके बाद विपक्ष का हंगामा जारी रहा और स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

खबरों के अनुसार रक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि मैंने जो राफेल को लेकर बयान दिया था उस पर मैं कायम हूं। इसे लेकर जो सवाल उठाए गए वो गलत हैं। मुझे एचएएल से कंफर्मेशन मिला है कि 2014 से 2018 के बीच 26,570.80 करोड़ के कॉन्ट्रेक्ट हुए वहीं 73,000 करोड़ के ऑर्डर पाइपलाइन में हैं।

बता दें कि कांग्रेस ने सदन में राफेल पर रक्षा मंत्री के बयान पर निशाना साधा था और कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर निर्मला सीतारमण का इस्तीफा भी मांगा था। राहुल गांधी ने एचएएल को एक लाख करोड़ रुपये का सरकारी ऑर्डर देने के मामले में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि वह सदन में अपने बयान के समर्थन में या तो दस्तावेज पेश करें या इस्तीफा दें।

राहुल के इस बयान पर रक्षा मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि कांग्रेस अध्यक्ष मुद्दे को पूरी तरह समझे बगैर ही देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने राहुल को जवाब देते हुए एचएएल से डील से दस्तावेज भी दिए।

संसद का शीतकालीन सत्र राफेल विमान सौदा, तीन तलाक बिल और सबरीमाला जैसे तमाम मुद्दे को लेकर गरमाया हुआ है। जहां राज्यसभा में आज तीन तलाक बिल पेश किया जाएगा, लेकिन इसके पास होने के आसार कम नजर आ रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इसे लेकर विपक्षी दलों से सहयोग मांगा है। उधर, राफेल विमान सौदे को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच गहमागहमी जारी है। कांग्रेस जहां लगातार राफेल मुद्दे पर हमलावर है, तो वहीं सरकार के मंत्री भी पलटवार करने में लगे हुए हैं। इस बीच दोनों दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

LIVE UPDATES:

-संसद में हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे और राज्यसभा की 2 बजे तक स्थगित।

- केरल: सबरीमाला विवाद को लेकर केरल हुई हिंसा के दौरान भाजपा सांसद वी.मुरलीधरन के घर पर देसी बम से हमला हुआ था। इस पर मुरलीधरन ने कहा, 'आधी रात को मेरे पुश्तैनी घर पर देसी बम फेंके गए, सौभाग्य से किसी को कोई चोट नहीं आई। यह हिंसा फैलाने और भाजपा कार्यकर्ताओं को भड़काने की कोशिश थी। राज्य सरकार इसे भाजपा बनाम सीपीएम मुद्दा बनाना चाहती है।'

- तीन तलाक बिल पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'तीन तलाक बिल राज्यसभा में सूचीबद्ध है और यह सरकार की साख का कोई मामला नहीं है। बिल महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए है, इसलिए सभी को इसका समर्थन करना चाहिए। हम सभी को इस बिल को पारित करवाने में मदद करनी होगी।'

- आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए तेलुगूदेशम पार्टी (TDP) के सांसद नरमल्ली शिवप्रसाद। उन्होंने आज तमिलनाडु के भूतपूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन का भेष धारण कर रखा है। इससे पहले वे जादूगर, महिला, धोबी और विद्यार्थी का रूप धर चुके हैं।

- कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने HAL को दिए गए ठेकों को लेकर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

- सबरीमाला विवाद को लेकर केरल में हुई हिंसा के दौरान भाजपा नेताओं पर हमला हुआ। इसको लेकर भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में तख्तियां लेकर केरल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

ऐसे में राफेल को लेकर संसद में हंगामा तय माना जा रहा है। शुक्रवार को राफेल मुद्दे पर लोकसभा में लंबी-चौड़ी बहस चली। सत्ता पक्ष ने सिर्फ कांग्रेस के आरोपों को नकाराता दिखा, बल्कि उसने कांग्रेस का जमकर घेराव भी किया। चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया था कि हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को सरकार की तरफ से एक लाख करोड़ रुपये के प्रोक्यूरमेंट ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। उनके इस दावे को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने झूठा बताया और कहा कि वह सदन में अपने बयान के समर्थन में या तो कोई दस्तावेज पेश करें या फिर इस्तीफा दें।

राफेल पर कांग्रेस और भाजपा के बीच छिड़ी जुबानी जंग के बीच HAL का भी बयान सामने आया है। हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में वित्तीय संकट जैसी रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद रविवार को संस्था ने सफाई दी। एचएएल की तरफ से कहा गया कि 83 हल्के लड़ाकू विमान और 15 हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर के आर्डर अंतिम चरण में हैं। संस्थान की वित्तीय स्थितियों के भी जल्द बेहतर होने की उम्मीद है। उसने कहा कि मौजूदा जरूरतों की पूर्ति के लिए 962 करोड़ रुपये का उधार (ओवरड्राफ्ट) लिया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह उधार किस बैंक से और किन कारणों से लिया गया।

दरअसल, भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच मीडिया में यह रिपोर्ट आई थी कि एचएएल को अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए कर्ज लेना पड़ा है। एचएएल ने इसी क्रम में ट्वीट के जरिये सफाई दी।