नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में शामिल एजी पेरारिवलन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। 27 साल से जेल में बंद पेरारिवलन ने कोर्ट से अपना आदेश वापस लेने और सजा रद करने की मांग की थी। जस्टिस रंजन गोगोई, आर भानुमति और एम शांतनगौदर की खंडपीठ ने कहा कि उसे 1998 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई कारण नहीं नजर आ रहा है। उस फैसले में अदालत ने पेरारिवलन की सजा को बरकरार रखा था।

इससे पहले सीबीआई ने अदालत से उसकी याचिका खारिज करने का अनुरोध किया था। इसने हलफनामा देकर कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या में उसकी भूमिका साबित हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट भी इस बात को मान चुका है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला रद करने की मांग की है। लेकिन, यह मुमकिन नहीं है, क्योंकि इससे पूरा मामला फिर से खोलना पड़ेगा।