सुधीर पांडेय, जमशेदपुर। जमशेदपुर में अब कुत्तों का भी अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था की जा रही है। स्वर्णरेखा नदी घाट पर कुत्तों के लिए विद्युत शवदाह गृह का निर्माण किया जा रहा है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले दो-तीन माह में यह बनकर तैयार हो जाएगा। जमशेदपुर केनेल क्लब, निजी दानदाताओं के साथ-साथ टाटा स्टील और जुस्को भी विद्युत शवदाह गृह निर्माण में सहयोग कर रही हैं।

देश भर में विशेष तौर पर कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए अब तक एक-दो मेट्रो शहरों में ही विद्युत शवदाह गृह बनाए गए हैं। जमशेदपुर में बन रहा विद्युत शवदाह गृह झारखंड-बिहार का पहला होगा जहां आवारा और पालतू कुत्तों के शवों का अंतिम संस्कार करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही साथ बिल्ली के शव का भी दाह किया जा सकेगा।

कुत्तों के लिए तैयार हो रहे विद्युत शवदाह गृह के निर्माण में करीब 30 लाख रुपये खर्च आएगा। लोहे का शेड व अन्य निर्माण टाटा स्टील करा रही है। कारखाने के भीतर ही फर्नेस का स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। यह करीब 7 लाख रुपये का है। सीमेंटिंग का काम जुस्को कराएगी। जमशेदपुर केनेल क्लब करीब 7 लाख रुपये निजी दानदाताओं से अब तक जुटा पाया है।

फिलहाल मरने के बाद कुत्ते के शव को दफनाने में सबसे बड़ी परेशानी होती है। खर्च में सहयोग के लिए पंजीकृत डॉग ओनर्स को भी पत्र लिखा जा रहा है। अगर यह शवदाह गृह बन गया तो शहर के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

-विश्वनाथ रॉय, सचिव, जमशेदपुर केनेल क्लब