नई दिल्ली। लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत के बाद एक और बड़ी पहल की है। श्रम मंत्रालय ने राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) के अस्पतालों को आम लोगों के लिए भी खोलने का एलान किया है। अब इन अस्पतालों में उन लोगों को भी सस्ता इलाज मिल सकेगा, जो ईएसआई के दायरे में नहीं आते।

श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में पांच दिसंबर को हुई ईएसआईसी की 176वीं बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। ईएसआई अस्पतालों की क्षमता के पूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। फैसले के तहत गैर-बीमित व्यक्ति 10 रुपए का शुल्क देकर ईएसआई अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में इलाज करा सकेगा।

यही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में भी लोगों के लिए यह सस्ता विकल्प रहेगा। भर्ती होने वाले मरीजों से केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं (सीजीएचएस) के अंतर्गत तय दरों के 25 फीसदी के बराबर शुल्क लिया जाएगा।

पायलट परियोजना के तौर पर ईएसआईसी ने सालभर तक दवाएं भी उनकी मूल कीमत पर ही देने की बात कही है। इससे लोगों को सस्ते दर पर दवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक में श्रम एवं रोजगार सचिव हीरालाल सामरिया, ईएसआई महानिदेशक राज कुमार और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

छूट की सीमा भी बढ़ाई

कर्मचारियों के लिए राहत की एक और खबर भी है। अब 176 रुपए तक की दैनिक औसत आय वाले कर्मचारियों के वेतन से ईएसआई का पैसा नहीं काटा जाएगा। उनके मामले में संबंधित कंपनी अपना अंशदान देती रहेगी। पहले यह छूट 137 रुपए तक की दैनिक आय पाने वाले कर्मचारियों के लिए थी। राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन 176 रुपए प्रतिदिन किए जाने के बाद मंत्रालय ने यह फैसला लिया है।

ईएसआई के पास हैं 150 से ज्यादा अस्पताल

ईएसआईसी के पास 150 से ज्यादा अस्पताल और लगभग 17,000 बेड उपलब्ध हैं। कई अस्पतालों की पूरी क्षमता का प्रयोग नहीं हो पाता है। कुछ अस्पतालों में स्पेशलिस्ट/सुपर-स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की कमी पूरी करने के लिए ईएसआईसी ने अनुबंध के आधार पर पूर्णकालिक नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

5200 से ज्यादा लोगों की होगी नियुक्ति

मंत्रालय ने बताया कि ईएसआईसी में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, बीमा चिकित्सा अधिकारी ग्रेड-दो, जूनियर इंजीनियर, शिक्षक, पैरामेडिकल व नर्सिंग कैडर, यूडीसी (अपर डिवीजन क्लर्क) और स्टेनोग्राफर समेत अन्य पदों पर कुल 5,200 लोगों को भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है।