आगरा के ताजमहल में तीन घंटे से ज्यादा समय बिताने वाले विजिटर्स से अब अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। अब तीन घंटे की सीमा को लागू करने वाला एक सर्कुलर लागू हो गया है। अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए, इस प्रतिष्ठित स्मारक में घूमने वाले गेट्स बनाए गए हैं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीक्षक, बसंत कुमार ने कहा, 'पूर्व और पश्चिम दोनों एंट्री पॉइंट पर 7 टर्नस्टाइल गेट लगाए गए हैं। 5 गेट्स बाहर निकलने के लिए हैं। विदेशी पर्यटकों के प्रवेश के लिए, अलग गेट हैं। प्रवेश केवल टोकन के माध्यम से होता है, जो तीन घंटे के लिए वैध होता है। इससे अधिक समय होने पर विजिटर को एग्जिट गेट्स पर काउंटर पर इसे रिचार्ज करने की आवश्यकता होती है।'

इससे पहले, विजिटर्स को सुबह से शाम तक रहने की अनुमति दी गई थी, यानी ओपनिंग टाइम (सूर्योदय से 30 मिनट पहले) से क्लोजिंग टाइम (सूर्यास्त से 30 मिनट पहले) तक।

पर्यटकों को नए नियमों से निराशा हुई है और यह कहा है कि यह टूरिज्म पर भारी पड़ेगा।

एएनआई से बात करते हुए हैदराबाद के एक पर्यटक, मोहम्मद मुस्तफा हुसैन ने कहा, 'एक व्यक्ति रिलेक्सेशन के लिए और कुछ समय बिताने के लिए यहां आता है। यदि दर्शनीय स्थल तीन घंटे तक सीमित हैं और शुल्क इतने अधिक हैं, तो कोई भी दूसरी बार आने से पहले सोचेगा।

अमेरिका से आई सेलिना ने कहा कि भारतीयों की तुलना में विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट लगभग 10 गुना महंगा है। उनके मुताबिक, विदेशी पर्यटकों को भारतीयों की तुलना में 10 गुना भुगतान करना पड़ता है। यहां लंबे समय तक रहना वास्तव में अच्छा होगा लेकिन समय सीमित है।

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में ताजमहल के खराब रखरखाव के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी और स्मारक के संरक्षण में गंभीरता दिखाने के लिए कहा था।

पिछले साल जुलाई में, उत्तर प्रदेश सरकार ने ताजमहल के जीर्णोद्धार पर अपना ड्राफ्ट विजन अदालत में पेश किया था और आश्वासन दिया था कि हेरिटेज स्ट्रक्चर के संरक्षण के लिए कई कदम उठाएगी।